क्षेत्र के गुवारा तयाबपुर गांव में ज्ञानमती की संदिग्ध मौत के मामले में अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। अपर जिला जज कक्ष संख्या- 4 कुमारी फरीदा बेगम की अदालत ने पति अमर देव व देवर मनोज को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
गुवारा तयाबपुर निवासी इंदल प्रसाद ने करारी थाने में 20 फरवरी 2017 को तहरीर देकर बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते बहू ज्ञानमती ने जहर खा लिया। इससे उनकी मौत हो गई। इसी दौरान मृतका के पति पर शव को बक्से में बंद कर घर से ले जाने की चर्चा भी सामने आई थी।
इससे पूरा प्रकरण संदिग्ध हो गया। इसे लेकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में मृतका के गले, पैरों और कंधों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। इससे हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद विवेचक ने अमर देव और मनोज को नामजद करते हुए हत्या की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार द्विवेदी ने प्रभावी पैरवी करते हुए सात गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।