मंझनपुर। स्वरोजगार में महिलाओं की सहभागिता बढ़े इसके लिए एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत महिलाओं को डेढ़ लाख की धनराशि दी जाती है। इसके प्रयोग से महिलाएं स्वरोजगार के अवसर में वृद्धि कर सकती हैं। ऐसे में जिले के 146 समूहों को 8.18 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
जिले में स्वरोजगार के तहत महिलाओं के करीब सात हजार समूहों का गठन हुआ है। इनमें 146 समूह ऐसे हैं, जिनके गठन के छह माह से अधिक का समय पूरा हो चुका है। इन समूहों को स्वरोजगार के लिए सरकार से डेढ़-डेढ़ लाख की धनराशि दी गई है। यह धनराशि बुधवार व बृहस्पतिवार रात तक समूहों के खातों में पहुंची है।
मंझनपुर ब्लॉक के लहना गांव की सुनीता के समूह को भी धनराशि मिली है। इनका कहना है कि उनके समूह (सीता महिला स्वयं सहायता समूह) में 10 महिलाएं शामिल हैं। इनके बीच सोमवार को बैठक होगी। इसके बाद यह फैसला होगा कि धनराशि का प्रयोग कैसे किया जाए। हालांकि वह किराने की दुकान रखना चाहती हैं।
वहीं, सिराथू ब्लॉक के म्योहरिया गांव के रोशनी महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि उनके समूह को जो धनराशि मिली है। उसका प्रयोग समूह की दो महिलाएं करेंगी। एक महिला पशुपालन करेगी, दूसरी समूह से ब्यूटी पार्लर की दुकान का संचालन करेगी। आगे मिलने वाली धनराशि का उपयोग दूसरी महिलाएं करेंगी।
समूह की महिलाएं कौन सा कार्य करेंगी। इसके लिए किसी प्रकार की गाइड लाइन नहीं है। वह जो भी कार्य करना चाहें, धनराशि का प्रयोग कर सकती हैं।- दिव्यांशु सिंह, जिला मिशन प्रबंधक