जनता के हित में काम करने वाली ग्राम पंचायतें चाहें तो मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत दो से आठ लाख रुपये तक का ईनाम पा सकती हैं। इसके लिए उन्हें 10 जून तक हमारी पंचायत के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हर जिले की श्रेष्ठ पांच पंचायतों को अंकों के आधार पर रकम मिलेगी। जिससे प्रधान अपनी पंचायत में आरओ वाटर स्थापित कराने सरीखे हर वह काम करा सकती हैं, जिनकी व्यवस्था अन्य योजनाओं में नहीं हो पाई है।
पंचायतों को विकास कार्यों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले साल से मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना संचालित कर रखा है। ताकि, पंचायतें भी स्मार्ट बन सकें। अब इस साल आवेदन का समय चल रहा है। डीपीआरओ गोपाल ओझा ने बताया कि पंचायतों को यह आवेदन हमारी पंचायत पोर्टल पर करने पड़ेंगे। जिला परफॉरमेंस असेसमेंट समिति इसे फ्र्रीज करेगी। इसके बाद जिला स्तरीय टीम पंचायत के दावों का परीक्षण करेंगी। दावे सही होंगे तो मंडल की टीम के लिए फारवर्ड करेगी। अंत में राज्य स्तरीय टीम सत्यापन करेगी। डीपीआरओ ने बताया कि पोर्टल पर पंचायतों को पांच तरह के कामों के बारे में जानकारी देनी है।
इनके लिए अंक निर्धारित हैं। मसलन ग्राम पंचायत स्वयं आय बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं? इसके लिए अधिकतम 15 अंक निर्धारित हैं। स्वच्छता के लिए 20, विकास कार्यों व नागरिक सेवाओं के लिए 25, कार्यप्रणाली व बैठकों के आयोजन के लिए 20 और ई-गवर्नेंस, प्रिया सॉफ्ट पर फीडिंग, अकाउंटिंग, आरटीजीएस आदि से भुगतान करने पर 20 अंक तक दिए जाएंगे। जो पंचायत सबसे अधिक अंक प्राप्त करेगी, उसे दस लाख रुपये, दूसरे नंबर पर सात लाख, तीसरे पर पांच लाख, चौथे पर तीन लाख और पांचवें नंबर पर रहने वाली ग्राम पंचायत को दो लाख रुपये उसके ग्राम निधि खाते पहुंचा दी जाएगी। इस रकम को पंचायतें अपनी प्राथमिकता के आधार पर जनहित में खर्च कर सकेंगी।
पिछले साल इस प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को सदर ब्लॉक की भरसवां ग्राम पंचायत को प्रथम पुरस्कार के रूप में दस लाख रुपये मिले थे। दूसरे स्थान पर रही कौशाम्बी ब्लॉक की जाठी को सात लाख तथा चायल ब्लॉक की फरीदपुर सलेमपुर को तृतीय पुरस्कार के तौर पर पांच लाख रुपये मिला था। इसके अलावा चौथे स्थान पर रही मोहम्मबाद ग्राम पंचायत ने तीन था पांचवे पायदान पर रहने के कारण सिंहपुर को दो लाख रुपये की धनराशि मिली थी।