जिले में अवैध कब्जेदारों की बल्ले-बल्ले है। भू माफिया चारागाह, ग्राम सभा और तालाब की जमीनों पर कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। शिकायतें अफसरों तक पहुुंच रही हैं, मगर सब कूड़ेदान में फेंक दी जा रही हैं। जिसका नतीजा है कि अवैध कब्जे रुक नहीं रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने तालाब की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दे रखा है। इसके बाद भी तालाब कब्जा कर लिए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्राम सभा की जमीनों पर भी भू माफिया की नजरें हैं। तहसील के तहसीलदार और एसडीएम कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिसका नतीजा है कि अफसरों के पास शिकायतों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।
मंझनपुर तहसील के अरका फतेहपुर के पूर्व प्रधान राजनारायण ने अफसरों और सीएम को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि अरका महावीरपुर में तालाब की जमीन में अवैध निर्माण कर लिया गया है। निर्माण की शुरुआत में शिकायत हुई, मगर तहसीलदार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सिराथू तहसील के बसोहनी गांव के शैलेश कुमार, चंदन कुमार और धीरे लाल का आरोप है कि ग्राम सभा में दर्ज चारागाह और तालाब की जमीन में लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं। जिससे जानवरों को चरने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। तालाब कब्जा किए जाने से बारिश का पानी इकट्ठा नहीं हो पा रहा है।
सलेमपुर कनैली के रहने वाले सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के दबंग स्कूल की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर गांव के दबंगों ने अतिक्रमण कर लिया है। वहां अब निर्माण कराया जा रहा है।