दीपावली का पर्व आज (सोमवार ) को मनाया जाएगा। इस दिन धन की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली को अर्धरात्रि के समय लक्ष्मी जी सदगृहस्थों के घर में विचरण करती हैं।
इसलिए अपने घर को स्वच्छ, शुद्ध व सुशोभित कर दीप जलाना चाहिए। दीप जलाने से मां लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। शास्त्रों के मुताबिक, जो व्यक्ति दीपावली पर लक्ष्मी की पूजा करता है, उसके घर में लक्ष्मी जी निवास करती हैं। जो आलस्य व निद्रा में पड़कर दीपावली को यूं ही मानता है, उसके घर से लक्ष्मी जी रूठ कर चली जाती हैं। पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पुराणों में दीपक जलाना लाभकारी बताया गया है।
कार्तिक मास जैसा कोई दूसरा महीना नहीं
इस महीने में दीप प्रज्वलित कर मंदिर, गोशाला, बगीचा, तालाब, बावड़ी, खेत आदि पर दीपक जलाकर लक्ष्मी जी की स्तुति करनी चाहिए। दीपक जलाने से दरिद्रता नष्ट होती है।
शास्त्रों में दीपावली का महत्व
- कार्तिक अमावस्या को दीपक जलाने का विशेष महत्व है। कथाओं के मुताबिक, एक बार सूर्य देव ने विश्राम की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन वह अपने कर्म से थक चुके हैं। इसलिए वह अरुणाचल की ओर चले गए। कुछ दिन पृथ्वी पर अंधेरा छाया रहा।
आदिमानव अपनी गुफा से बाहर निकल कर अंधेरा दूर करने के लिए उपाय सोचा। उसने एक पत्थर का कपनुमा गहरा गोल टुकड़ा उठाया। उसमें कपास की बाती बनाकर आग लगा दी। स्कंद पुराण, पद्म पुराण और भविष्य पुराण में इसकी विभिन्न मान्यताएं हैं।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दीपावली का त्योहार 20 अक्तूबर को है। दीपावली की रात प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त रात 06:55 बजे से रात 08:01 बजे तक रहेगा।
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दीपावली की शुभ तिथि
अमावस्या तिथि प्रारंभ - 20 अक्तूबर को दोपहर 03:44 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त - 21 अक्टूबर को शाम 05:54 बजे