लहसुन बल्ब से बनी सब्जी:सोशल मीडिया
सर्दियों के मौसम में तापमान गिरते ही सर्दी-जुकाम, खांसी, फ्लू और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में रसोई में आसानी से उपलब्ध लहसुन सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। डॉक्टर बताते हैं कि लहसुन की तासीर गर्म होती है जो शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ ठंड से होने वाली ठिठुरन और अकड़न से राहत दिलाती है। सर्दियों में खासतौर पर लहसुन की सब्जी खाने से न सिर्फ स्वाद मिलता है बल्कि यह कई बीमारियों से बचाव में भी सहायक है।
चायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय सिंह के अनुसार, लहसुन में मौजूद एलिसिन कंपाउंड एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यही कारण है कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और वायरल संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है। ठंड के मौसम में लहसुन की सब्जी नियमित रूप से खाने से सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
उन्होंने बताया कि लहसुन इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं को सक्रिय करता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से लहसुन का सेवन करते हैं, उन्हें सर्दी लगने की संभावना कम होती है और यदि बीमारी होती भी है तो उसकी गंभीरता और अवधि कम रहती है।
इसके अलावा लहसुन ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है जिससे हृदय रोग और हार्ट अटैक का खतरा घटता है। लहसुन पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। यह कब्ज, गैस, अपच और पेट की अन्य समस्याओं में राहत देता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं, साथ ही सूजन कम करते हैं और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। सर्दियों में लहसुन की सब्जी शरीर को गर्माहट देने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करती है।
डॉक्टर की सलाह :
डॉ. संजय सिंह का कहना है कि सर्दियों में रोजाना 1-2 कली कच्चा लहसुन या सब्जी में डालकर सेवन किया जा सकता है। हालांकि, अधिक मात्रा में लहसुन खाने से पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पेट के गंभीर रोग, अल्सर या एलर्जी की समस्या हो, वे लहसुन का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें। संतुलित मात्रा में लहसुन को डाइट में शामिल कर सर्दियों में बेहतर सेहत पाई जा सकती है।