सदर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख व उसके दो साथियों के खिलाफ साल भर पहले दर्ज कराया गया किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आ गया। अदालत में पीड़िता ने अपना बयान बदलकर अब सालेपुर निवासी हजरत अजमल शाह उर्फ बाबाजी सहित चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए बाबा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राहत नहीं मिलने पर सोमवार को आरोपी बाबा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
करारी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली अनुसूचित जाति की एक किशोरी ने साल भर पहले एडीजी को शिकायती पत्र भेजकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख सहित तीन लोगों के खिलाफ मारपीट सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। किशोरी का आरोप था कि सदर ब्लॉक प्रमुख हरिमोहन सिंह यादव अपने तीन साथियों के साथ उसके घर व होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया।
इस दौरान उसकी पिटाई कर गर्भपात भी कराया गया। एडीजी के निर्देश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इसके बाद जब किशोरी का पुलिस ने कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया तो पीड़िता अपने बयान से पलट गई। पीड़िता का आरोप था कि सालेपुर के मो. अजमल शाह उर्फ बाबा व उसके अन्य साथियों ने उसे बंधक बनाकर एक भट्ठे में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। बाबा के दबाव में आकर उसने ब्लॉक प्रमुख सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां से कोई राहत नहीं मिलने पर बाबा ने शनिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बाबा को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।