प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार बेहद सुस्त है। सवा दो महीने से चल रहे विशेष अभियान में सिर्फ 6400 सौ ही अंत्योदय कार्ड धारकों के गोल्डन कार्ड बनाए। बुधवार को योजना की समीक्षा के दौरान बेहद खराब प्रगति मिलने पर डीएम सुजीत कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिए।
अब अंत्योदय कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड होने पर ही कोटे की दुकान से मुफ्त राशन दिया जाएगा। सहूलियत के लिए उन्होंने 14 और 17 दिसंबर को कोटे की दुकानों पर शिविर लगाकर अंत्योदय कार्डधारकों के कार्ड बनाए जाने का निर्देश दिया है।
बुधवार को डीएम सुजीत कुमार ने कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में अफसरों के साथ बैठक कर आयुष्मान योजना की समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि जिले के 37,574 अंत्योदय कार्डधारकों में से अब तक केवल 6400 ने ही आयुष्मान कार्ड बनवाए हैं। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने योजना से जुड़े अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी।
साफ निर्देश दिया कि कोटे की दुकानों पर 14 और 17 दिसंबर को विशेष शिविर लगाकर अंत्योदय कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। इसमें कोटेदारों को पूरा सहयोग करने के लिए डीएसओ को निर्देशित किया। कहा गया कि अंत्योदय कार्ड धारक मुफ्त राशन लेने के लिए दुकान पर पहुंचे तो उन्हें पहले आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के बाद ही राशन मुहैया कराया जाए। बैठक में सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. केसी राय, डीएसओ अमित तिवारी के साथ ही सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
घर-घर जाकर प्रेरित करेंगी एएनएम, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता
अभियान में तेजी लाने के लिए एएनएम, आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंत्योदय कार्डधारकों को प्रेरित करेंगी। इसके लिए वे घर-घर जाकर विशेष शिविर में पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनवाने की जानकारी देंगी।
कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक संबंधित कोटेदारों की दुकानों पर समय से शिविर लगाकर, अंत्योदय कार्डधारकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। डीएम ने चेताया कि इसमें लापरवाही बरतने वाले सीएससी संचालकों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। किया जायेगा। उन्होंने डीएसओ एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रत्येक शिविर का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।