ऊनों गांव के आठ लोगों ने मिलकर तालाब की जमीन को पहले अपने नाम दर्ज कराया। इसके बाद उसे साढ़े 11 लाख रुपये में बेच दिया। एक खरीदार की तहरीर पर पुलिस ने मां-बेटी समेत आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंझनपुर तहसील के ऊनों निवासी शिव मूरत पांडेय ने बताया कि उनके गांव में शिव प्रताप, कृष्ण प्रताप सिंह, प्रेम नारायण सिंह पुत्रगण घनश्याम सिंह, मुन्नी देवी पत्नी घनश्याम सिंह व अजय कुमार पुत्र प्रेम नारायण, मंजू सिंह पत्नी राघवेंद्र सिंह, श्रेया व श्रद्धा पुत्री राघवेंद्र सिंह निवासी शाहपुर ने अभिलेखों में हेराफेरी कर गांव के तालाब की जमीन को अपने नाम पर दर्ज करा लिया। इसके बाद उसकी भूमिधरी कराते हुए जमीन उन्हें बेच दी।
इसके लिए सभी ने मिलकर 11.50 लाख रुपये लिए। शिवमूरत का आरोप है कि हेराफेरी की जानकारी के बाद उन्होंने 11 जनवरी को इसकी उलाहना दिया तो गालीगलौज करते हुए आरोपियों उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने प्रकरण की तहरीर पुलिस को दी। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि शिवमूरत पांडेय की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।