एक कार्ड से रोजाना 40 हजार की लगाई थी चपत
मंझनपुर। एसपी ने बताया फास्टैग जारी होने से पहले मोबाइल पर ओटीपी आता है। गिरोह के लोग अपने पास रखे मोबाइल पर ओटीपी हासिल करते थे। वाहन का नंबर भी अनजान होता था। इस तरह से एक कार्ड पर रोजाना 40 हजार की चपत टोल प्लाजा को लगाया जाता था। गिरफ्तार करने वाली टीम को 20 हजार के पुरस्कार से सम्मानित किया है। संवाद
बैंकों से हासिल करते थे फास्टैग की एजेंट आईडी
मंझनपुर। एसपी ने बताया कि यह एक तरह का नवीतम साइबर अपराध है। गिरोह के सदस्य बैंकों से संपर्क कर फास्टैग की एजेंट आईडी हासिल करते थे। इसके बाद सिहोरी टोल प्लाजा के पास रहकर ट्रक चालकों फास्टैग दिया जाता था। ट्रक चालक को भी 750 रुपये का फायदा होता था। इस वजह से वह लालच में फंस जाते थे। संवाद