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पुलिस मुठभेड़ के दौरान चार बदमाश गिरफ्तार, दो फरार

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Four miscreants arrested during police encounter, two absconding - फोटो : KAUSHAMBI
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स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व सरायअकिल कोतवाली की संयुक्त टीम ने रविवार रात मुठभेड़ के दौरान चार बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया। बदमाशों के पास से चार तमंचे व तीन बाइकें बरामद र्हुइं। पुलिस का कहना है कि यह गैंग पूरामुफ्ती व पिपरी कोतवाली इलाके में लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरोह के दो सदस्य मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहे।
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सोमवार को पुलिस ऑफिस में घटना का खुलासा करते हुए एसपी हेमराज मीणा व एएसपी समर बहादुर ने बताया कि 10 फरवरी को कौशाम्बी कोतवाली के सोंधिया गांव के समीप पुरोहित रजनीश कुमार दुबे को बदमाशों ने गोली मारकर पांच हजार रुपये नकद व मोबाइल लूट लिया था।
इसके अलावा पिपरी कोतवाली में भी लूट की एक घटना हुई थी। इसी तरह जिले के कई स्थानों पर लूट व छिनैती की वारदातें हो रहीं थीं। घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया था। रविवार रात सरायअकिल इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा को सूचना मिली कि जरैनी के पास कुछ बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से खड़े हैं। इस पर एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह ने टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया।
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जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पिपरी कोतवाली के पेरई निवासी सोनू पासी, बूंदा गांव निवासी राजकुमार पासी, दूल्हापुर निवासी दीपक कुमार पासी और मखऊपुर निवासी दीपू कुमार पासी को गिरफ्तार किया। बदमाशों के दो साथी भागने में सफल रहे। बदमाशों के पास से चार तमंचे व तीन बाइकें बरामद हुईं। इसके अलावा 8700 रुपये नकद भी बरामद हुई है।
एसपी के मुताबिक बदमाशों ने कुबूल किया कि पिछले दिनों उन्होंने चायल मोड़, भगवतपुर से तिल्हापुर मोड़, तिल्हापुर से जरैनी, नंदा का पुरवा व बेनीराम कटरा के समीप लूट व छिनैती की वारदातों को अंजाम दिया था। सभी बदमाशों के खिलाफ लिखापढ़ी करके चालान कर दिया गया है।
बाइक से चाबी निकाल लेते थे बदमाश
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गिरोह के सदस्य जिसको शिकार बनाते पहले उसका पीछा करते थे। जिस व्यक्ति को शिकार बनाना होता था सुनसान स्थान पर उसकी चलती बाइक से चाबी निकाल लेते थे। इसके बाद तमंचा सटाकर गिरोह के सदस्य रुपये, जेवरात और मोबाइल छीन कर भाग जाते थे।
मोबाइल का नहीं करते थे इस्तेमाल
एसपी ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य मोबाइल फोन का बहुत ही कम इस्तेमाल करते थे। इस वजह से उनकी ट्रेसिंग आसानी से नहीं हो पाती थी। लूट का समय शाम सात बजे से रात्रि दो बजे तक होता था। गिरोह के लोग कसेंदा स्थित एक बाग में रुककर लूट की योजना बनाते थे।
कई वारदातों का खुलासा, बरामदगी कुछ भी नहीं
पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों पर तमाम वारदातों का खुलासा कर दिया। हालांकि, जितनी भी वारदातों का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है, उसमें सिर्फ दो मामलों की ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य रुपये, मोबाइल व जेवरात छीनते थे। लेकिन बदमाशों के पास से एक भी मोबाइल, जेवरात आदि बरामद नहीं हो सके।
पकड़े गए बदमाश दीपक व राजकुमार का है आपराधिक इतिहास
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि पकड़े गए बदमाश दीपक पासी के खिलाफ जानलेवा हमले व धोखाधड़ी के दो मामले सहित कुल सात मुकदमे पिपरी कोतवाली में दर्ज हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई भी की थी। इसी तरह राजकुमार के खिलाफ पिपरी के अलावा प्रयागराज के विभिन्न थानों में छह गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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