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Kaushambi News: पहले प्रकृति की मार, अब व्यवस्था दे रही दगा

Wed, 03 Dec 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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नीरज तिवारी, किसान
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जिले में धान कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश और सुंडी (रस चूसक कीट) ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। नुकसान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खेतों में तैयार फसल में अचानक नमी आने से दानों के भराव और चमक में कमी आ गई है। प्रकृति की मार के बाद किसानों की तकलीफ दोगुनी तब हो गई जब सरकारी धान क्रय केंद्रों ने उनकी उपज खरीदने से मना कर दिया।
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किसान सुबह से लेकर देर शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन जांच के बाद खरीद केंद्र से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इससे किसानों पर आर्थिक संकट और गहरा गया है।
किसान महेंद्र सिंह ने बताया कि हमारी फसल तो बारिश और सुंडी ने पहले ही चौपट कर दी थी। अब सरकारी खरीद न होने से जीने का सहारा भी टूट गया है। मजबूरी में बिचौलियों को आधी कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की बात करती है, मगर हमारी लागत ही नहीं निकल रही है।
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-दैवीय आपदा के बाद भी प्रशासन ने अभी तक ठीक से सर्वे नहीं किया। न मुआवजा मिला, न कोई राहत। ऊपर से धान खरीद में ढिलाई और कड़ाई दोनों का शिकार किसान हो रहा है। कर्ज, परिवार और अगली फसल की तैयारी सभी संकट में हैं।- दिलीप कुमार पांडेय


जब तक आपदा प्रभावित उपज को विशेष श्रेणी में नहीं रखा जाएगा, तब तक किसान की बर्बादी तय है। मौसम की मार से उबरने की कोशिश भी नहीं कर पाते कि सरकारी की उदासीनता से नुकसान हो जाता है। नीरज तिवारी
किसान बिना ठीक ढंग से सुखाए सरकारी क्रय केंद्र पर उपज लाते हैं। उन्हें मानक के अनुसार धान सुखाकर लाने की सलाह दी जाती है। यदि सरकारी खरीद के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार धान रहता है तो खरीद से इन्कार नहीं किया जा सकता है। -सुधांशु, डिप्टी आरएमओ

175 किसानों से साढ़े पांच हजार क्विंटल हुई धान की खरीद
कस्बे में 175 किसानों से साढ़े पांच हजार क्विंटल धान की खरीद हुई है। जबकि 35 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। केंद्र प्रभारिक चंद्र भूषण राय ने बताया कि किसानों को टोकन दिया गया है, जिसके तहत निर्धारित तिथि पर पहुंचने पर तौल कराई जाती है। इसके अलावा साधन सहकारी समिति शमशाबाद में 10 क्विंटल खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साक्षेप 25 किसानों के 1200 क्विंटल खरीद की गई है। केंद्र प्रभारी सचिव शिव भवन ने बताया कि किसानों की ओर से लाई जाने वाले धान की सफाई न होने के चलते तौल में देरी होती है।

भरवारी में 200 किसानों से 8712.80 क्विंटल की खरीद्र
खाद्य एवं विपणन विभाग की तरफ से भरवारी में एक नवंबर से संचालित दो धान क्रय केंद्रों पर खरीद कार्य जारी है। केंद्र प्रभारी आनंद कुमार उपाध्याय ने बताया कि अब तक 200 किसानों से 8712.80 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि 35 हजार क्विंटल तौल करने का लक्ष्य निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि टोकन प्राप्त किसानों की तौल प्राथमिकता से की जा रही है। करारी रोड स्थित मंडी समिति परिसर में बनाए गए इन दोनों केंद्रों पर किसानों की लगातार आमद बनी हुई है।

इछना धान क्रय केंद्र पर बोरे की किल्लत, किसानों को खुद खरीदकर लाने की मजबूरी
ब्लॉक के इछना धान क्रय केंद्र पर किसानों को बोरे की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर अब तक 245 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिनमें से 66 किसानों से 2677 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। तौल के लिए आवश्यक बोरा न मिलने से किसान परेशान हैं।
बरई गांव के सुशील कुमार व कलावती ने बताया कि केंद्र से बोरा उपलब्ध न होने के कारण किसानों को मजबूर होकर बाजार से बोरा खरीदकर लाना पड़ रहा है। क्रय केंद्र इंचार्ज नसरीन हुसैन ने बताया कि एक सप्ताह से बोरे का स्टॉक खत्म है। बोरा उपलब्ध होते ही इसे किसानों को दिया जाएगा।
अजुहा में 10 हजार क्विंटल से अधिक खरीद
दो धान क्रय केंद्रों पर खरीद का कार्य तेज गति से जारी है। केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रथम केंद्र पर 156 किसानों से 5,648 क्विंटल धान की खरीद एक दिसंबर तक की गई है, जबकि द्वितीय केंद्र पर 135 किसानों से 5,190 क्विंटल 40 किलो धान खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों केंद्रों से 540-540 क्विंटल धान का उठान हो चुका है। भुगतान व्यवस्था भी तेजी से की जा रही है। प्रथम केंद्र पर 156 किसानों में से 134 किसानों को भुगतान, जबकि द्वितीय केंद्र पर 135 में से 112 किसानों को भुगतान कर दिया गया है।

नीरज तिवारी, किसान

नीरज तिवारी, किसान

नीरज तिवारी, किसान

नीरज तिवारी, किसान

नीरज तिवारी, किसान

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