चायल तहसील क्षेत्र के नंदा का पुरवा में यमुना नदी पर अब तक पांटून (पीपा) पुल नहीं बन पाया है। ऐसे में यमुना पार करने के लिए लोगों को स्टीमर का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर किसी तरह पार उतरने के लिए विवश हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से हर साल सरायअकिल के नंदा का पुरवा गांव के पास यमुना में पीपे का पुल बनवाया जाता है। यह पुल जिले को प्रयागराज के प्रतापपुर गांव से जोड़ता है। बारिश से पहले एक जून से पुल को तोड़ दिया जाता है और फिर 15 अक्तूबर से इसे फिर बनाने का काम शुरू होता है। इस बार अभी तक पुल बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है।
शिवराजपुर, शंकरगढ़, चित्रकूट या मध्य प्रदेश के रींवा की ओर जाने वाले और उधर से कौशाम्बी, फतेहपुर आने वाले राहगीर इसी पुल से गुजरते हैं। पुल बनने से लोगों को प्रयागराज में जाम से निजात मिलने के साथ ही कम दूरी भी तय करनी पड़ती है।
युसुफपुर गांव के तुफैल अहमद, धवई के मुन्ना तिवारी, सुरसेनी के बबलू मिश्रा और अमित कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी नदी में स्टीमर चलवा रहा है। नाविक क्षमता से अधिक सवारियां और दो पहिया व साइकिल वाहन भरकर नदी पार करवाते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
यमुना में जलस्तर बढ़ा होने के कारण इस बार पीपा पुल के निर्माण में देरी हो रही है। अब नदी का पानी कम हो रहा है। शीघ्र ही पुल बनाने का काम शुरू करवा दिया जाएगा।- दयाशंकर सोनी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी