जिला अस्पताल से चंद कदम की दूर स्थित एक फर्नीचर की दुकान में मंगलवार रात 11 बजे संदिग्ध हालात में आग लग गई। दुकान के अंदर रखे सीएनजी व एलपीजी के सिलिंडर धड़ाधड़ दगने लगे। दुकान के ठीक बगल आकांक्षा अस्पताल में भर्ती मरीजों का परिसर में धुआं भरने से दम घुटने लगा। उन्हें सात एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। देर रात तक आग की घटना पर काबू नहीं पाया जा सका था।
मंझनपुर चौराहे के पास मो. हसीब के फर्नीचर हाउस में लगी आग की सूचना पर डीएम सुजीत कुमार और एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव समेत पुलिस-प्रशासन के तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। पश्चिमशरीरा, सैनी व मंझनपुर से फायर ब्रिगेड बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान कई पुलिस कर्मी भी आग की चपेट में आकर झुलसे हैं।
आकांक्षा अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर होने के कारण विस्फोट का भी खतरा था। साथ ही फर्नीचर हाउस में भी घरेलू गैस के कई सिलिंडर वेल्डिंग आदि के लिए रखे हुए थे। देर रात तक अफसरों की मौजूदगी में आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाता रहा।
ठप हो गया मंझनपुर-ओसा मार्ग
फर्नीचर हाउस में लगी आग के कारण मंझनपुर-ओसा मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया गया। सिलिंडर के विस्फोट से लोग दहल रहे थे। आग की चपेट में आकर तीन बाइक व दो कारें भी जल गईं हैं। फायर ब्रिगेड कर्मी आग बुझाने की तमाम कोशिशों के बाद धुएं पर नियंत्रण नहीं कर सके।
बजा हूटर, खाली कराए गए बेड
डीएम सुजीत कुमार के निर्देश पर जिला अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को तत्काल प्रभाव से संचालित कराया गया। इमरजेंसी हूटर बजाकर कमरों में सो रहे चिकित्सक व स्टॉफ नर्सों को ओपीडी में बुलाया गया। 17 से ज्यादा मरीज धुएं की चपेट में आकर दम घुटने की समस्या से ग्रसित हुए थे। आनन-फानन उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया।
खाली हो रहे थे टैंक, नगर पालिका ने चलाई मोटर
आग की विभीषिका को देखते हुए फायर ब्रिगेड के सारे इंतजाम फेल नजर आए। जितनी भी गाड़ियां आग बुझाने में लगाई गईं थीं। उनका टैंक चंद मिनट में ही खाली हो जा रहा था। नतीजतन नगर पालिका का पंप हाउस चलवाकर गाड़ियों में पानी भरवाने की व्यवस्था कराई गई। जैसे ही गाड़ियों में पानी खत्म होता था वह तत्काल नगर पालिका के दफ्तर टैंक फुल कराने पहुंचती थी।
डीएम सुजीत कुमार के मुताबिक आग की घटना में जनहानि की सूचना नहीं है। फर्नीचर हाउस के बगल में एक अस्पताल था, वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित जिला अस्पताल भेजवाया गया है। पीड़ित परिवारों को जो भी संभव मदद होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी।