पिपरी कोतवाली के मुरादपुर गांव में मंगलवार की सुबह घर के बाहर मिले सीता देवी के रक्तरंजित शव मामले में पुलिस खुलासे के करीब है। सीता के बेटे नीरज ने अपनी मंगेतर समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वारदात वाले दिन पुलिस को नीरज व उसकी मंगेतर की लोकेशन घटनास्थल के पास ही मिली थी। इससे सीता देवी (45) पत्नी सुरेश की बेरहमी से कत्ल किए जाने का राज उसके अपनों के ही बीच छिपा है।
मुकदमा दर्ज कराने वाला महिला का बेटा नीरज सोमवार को अपनी बहन की ससुराल चरवा जाने की बात कहकर गया था। सर्विलांस से पता चला कि नीरज व उसकी मंगेतर की मोबाइल लोकेशन घटना स्थल पर ही थी।
पुलिस को यह भी पता चला है कि सीता भले ही नीरज के रिश्ते के खिलाफ थी, लेकिन दोनों के बीच (नीरज व मंगेतर) फोन पर बातचीत का सिलसिला जारी रहा। यह भी पता चला कि मंगेतर किसी भी हाल में नीरज को अपना हमसफर बनाना चाहती थी।
इसके पीछे वजह यह थी कि मंगेतर की मौसी का घर नीरज के पड़ोस में था। सीता ने रिश्ते का विरोध किया तो युवती ने पिपरी कोतवाली में नीरज सहित घरवालों के खिलाफ तहरीर दी। इस पर किसी तरह मंगनी तो करा दी गई, लेकिन सीता रिश्ते से सहमत नहीं थी।
सास को अपने पक्ष में करने के लिए मंगेतर ने इलाके के एक तांत्रिक का सहारा लिया और उसे 10 हजार रुपये देकर अपनी होने वाली सास को वशीभूत में करने को कहा था।
यह सारी प्रक्रिया जारी थी, तभी किसी ने सोमवार रात सीता का बेरहमी से कत्ल कर दिया। फिलहाल पुलिस ने अब तक की छानबीन में यह तो साफ कर लिया कि कत्ल का रहस्य अपनों के बीच ही छिपा है। कुछ और पुख्ता सुबूत एकत्र करने के बाद बस खुलासे की औपचारिक घोषणा बाकी है।
पांच टीमें गठित, 13 से पूछताछ
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने हत्याकांड के खुलासे को लेकर पांच टीमों का गठन किया है। पहले गांव में रहे महिला के बेटे गोविंद ने अज्ञात के खिलाफ हत्या किए जाने की तहरीर दी। उसी की तहरीर पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने नीरज से तहरीर लेकर मंगेतर सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की टीमों ने 13 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक वह किसी नतीजे पर नहीं है।