शादी के नाम पर परदेसियों से ठगी करने वाले रैकेट की महिला सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गई। कड़ाई से पूछताछ में उसने एक बड़े रैकेट का खुलासा किया। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
अलीगढ़ की एगलाश कोतवाली के मिर्जा बिस्मा गांव के शिवकुमार चौधरी का छोटा भाई धर्मवीर एक कॉलेज में सुपरवाइजर की नौकरी करता है। वहीं पर करारी थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का एक युवक कैंटीन में खाना बनाता था। उसने धर्मवीर को बताया कि वह कई लोगों की शादी करा चुका है। इस पर उसने बड़े भाई शिवकुमार की शादी कराने के लिए भी अनुरोध किया।
पखवाड़े भर पहले मीरापुर गांव ले जाकर शिवकुमार को लड़की दिखाई गई और शादी कराने के नाम पर उससे 80 हजार ले लिए। शिवकुमार अपने सगे संबंधियों के साथ 25 जून को बरात लेकर मीरापुर पहुंचा तो घर में ताला लगा मिला। दिनभर इंतजार के बाद कोतवाली पहुंचकर शिवकुमार ने युवती की फोटो के साथ तहरीर दी।
शनिवार दोपहर एक युवती किसी मामले की शिकायत लेकर कोतवाली पहुंची। शक होने पर महिला सिपाही ने फोटो मिलाई तो वह हूबहू निकली। सख्ती से पूछताछ पर उसने अलीगढ़ के युवक के साथ ठगी की बात कुबूल की। बताया, उसके रैकेट में कई सदस्य हैं। वह लोग शादी कराने के नाम पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों से ठगी करते हैं।
इंस्पेक्टर गणेश प्रसाद सिंह ने बताया, एक संदिग्ध युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अलीगढ़ के युवक को भी खबर दी गई है। वह कौशाम्बी के लिए रवाना हो चुका है। गैंग के सरगना की तलाश की जा रही है। जल्द ही बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।