चार गुना मुआवजे पर भी काश्तकार भूमि देने को तैयार नहीं किसानों को मनाने के लिए अफसरों ने मुराइन का पुरवा में बैठक की धुमाई रेलवे क्राॅसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज के लिए खरीदी जा रही है भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
अजुहा। धुमाई में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए जमीन देने को कई काश्तकार तैयार नहीं है। इन्हें मनाने के लिए रविवार को अफसरों ने मुराइन का पुरवा में बैठक की। मनाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
धुमाई रेलवे फाटक पर सेतु निगम क्राॅसिंग का निर्माण करा रहा है। इसके लिए स्थानीय 89 काश्तकारों की भूमि भी मुआवजा देकर ली जानी है। इसमें से 16 किसानों ने मुआवजा लेकर भूमि सेतु निगम के नाम हस्तांतरित कर दी है। मुराइन का पुरवा मजरे धुमाई के श्याम सुंदर, बिंद कुमार, दयाराम, दशरथ, अवध कुमार, संतोष कुमार आदि किसान इसके लिए राजी नहीं हैं। किसानों का कहना है कि खेतों के सहारे ही उनका परिवार पल रहा है। खेतों के ऊपर से पुल बन गया तो फिर परिवार के सदस्यों का पालन पोषण कैसे होगा। हालांकि, पहले भी अफसरों ने काश्तकारों से बातचीत की थी, लेकिन वह जमीन देने के लिए राजी नहीं हुए थे।
किसानों के विरोध के कारण पुल का निर्माण अटक रहा है। इस पर रविवार को एडीएम जयचंद्र पांडेय और अन्य अफसरों के साथ धुमाई पहुंचे। गहमागहमी के बीच एडीएम ने काश्तकारों से बातचीत की। सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिलाने की बात कही गई, लेकिन लोग फिर भी अपनी जमीन देने के लिए राजी नहीं हुए। कुछ गुस्साए ग्रामीण तो बैठक से ही उठकर चले गए। एडीएम ने बताया कि चार गुना मुआवजा देने के बाद भी कुछ काश्तकार भूमि देने को तैयार नहीं है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी जाएगी। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी के एई एमएम मिश्रा, नायब तहसीलदार विनय कुमार, लेखपाल सुनील श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।