संदीपनघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब छह बजे धन्नी गांव के पास प्रयागराज की तरफ से कानपुर जा रही तेज रफ्तार टूरिस्ट बस ने डिवाइडर पर खड़े बुजुर्ग किसान को कुचलते हुए 50 मीटर तक पहिए में घसीट ले गई। हादसे में किसान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर करीब ढाई घंटे तक प्रयागराज-कानपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर दो थानों की पुलिस फोर्स पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद शव को वहां से उठवाया गया। संदीपनघाट के धन्नी गांव निवासी शारदा प्रसाद (55) घर पर रहकर खेती करते थे। पत्नी की छह साल पहले ही मौत हो चुकी है और इनके तीन बेटे हैं। बेटे मंत्रराज ने बताया कि उनके पिता सुबह शौच के लिए घर से निकले थे। वह सड़क पार कर रहे ही थे कि तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार टूरिस्ट बस को देखकर डिवाइडर पर चढ़ गए। इस दौरान बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर खड़े किसान को अपने चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि बस के पहिए में फंसकर किसान करीब 50 मीटर तक घिसटता चला गया। बस रुकते ही चालक व सवार लोग सभी मौके से भाग गए।
बस में भी की तोड़फोड़
-घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ की और प्रयागराज कानपुर नेशनल हाईवे पर करीब ढाई घंटे तक जाम लगा दिया। पुलिस जाम की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कानपुर की तरफ से आ रहे वाहनों को जीरो प्वाइंट चौराहे से रोही की तरफ से मूरतगंज चौराहे व प्रयागराज से आने वाले वाहनों को मूरतगंज चौराहे से रोही होते हुए जीरो प्वाइंट चौराहे की तरफ भेज कर यातायात बहाल किया।
बिना संकेत के डिवाइडर पर कट बना हादसे की वजह
ग्रामीणों के अनुसार, हाईवे पर पीएनसी कंपनी की तरफ से निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि कंपनी ने डिवाइडर पर बिना संकेतक के कट बना दिया था, जिससे बस चालक भ्रमित हो गया और डिवाइडर से निकलते समय यह दुर्घटना हो गई।
- हादसे को लेकर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आक्रोशित लोगों ने कुछ देर तक आवागमन बाधित किया था। पुलिस के पहुंचने के थोड़ी देर बाद लोगों को समझाकर शांत करा दिया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया। लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस संबंध में पीएनसी कंपनी से वार्ता चल रही है। - अभिषेक सिंह, सीओ चायल
हादसे के बाद बिलखते किसान के परिजन। संवाद
हादसे के बाद बिलखते किसान के परिजन। संवाद