पशु अस्पताल कड़ा के फ्रिज में मिलीं एक्सपायर्ड दवाएं
सीवीओ के निरीक्षण में बदहाल मिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी(सीवीओ) ने शुक्रवार को राजकीय पशु अस्पताल कड़ा का निरीक्षण किया। अस्पताल में सबकुछ गड़बड़ देख वह बिफर पड़े। सीवीओ ने डॉक्टर समेत अस्पताल के सभी कर्मचारियों के महीने भर की तनख्वाह रोक दी। सीवीओ की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
कड़ा स्थित पशु अस्पताल की बिल्डिंग 12 साल पहले ही कंडम घोषित हो चुकी है। नया भवन बनवाने के लिए विभागीय कवायद शुरू है। इन सबके बीच इलाकाई ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए किसी तरह से अस्पताल संचालित किया जा रहा है। इसके लिए यहां पर अस्पताल प्रभारी के रूप में डॉ सुशील श्रीवास्तव, पशुधन प्रसार अधिकारी गुरदीप सिंह और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रमेाद कुमार दुबे आदि की तैनाती की गई है। आरोप है कि यह सभी अस्पताल बंद करके अक्सर गायब रहते हैं। पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। रखरखाव के अभाव में अस्पताल की फ्रिज, उपकरण आदि कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। इससे इलाकाई पशुपालकों को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत डीएम से की थी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सीवीओ डॉ बीपी पाठक शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे तो अस्पताल की बदहाली देख दंग रह गए। ग्रामीणों की शिकायतें सच निकलीं। चेक करने पर अस्पताल के अभिलेख भी अधूरे मिले। फ्रिज में एक्सपायर्ड दवाएं भरीं थीं। जांच रिपोर्ट और डीएम के निदेश पर सीवीओ ने डॉक्टर समेत सभी कर्मचारियों की नवंबर महीने के वेतन पर रोक लगा दी।