चायल। तहसील में सर्किल रेट वृद्धि को लेकर पांचवें दिन शुक्रवार को भी एक भी बैनामा नहीं हुआ। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर जिला प्रशासन विचार नहीं करता तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा नहीं होने से पिछले पांच दिन में सरकार को लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है।
जिला प्रशासन ने पांच दिन पहले चायल तहसील के सर्किल रेट में तीन से नौ गुना तक की वृद्धि कर दी थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जिला प्रशासन ने बगैर उनकी आपत्तियों पर विचार किए एकतरफा और मनमाने ढंग से सर्किल रेट बढ़ाया है। जिसका असर आम जनता के अलावा स्थानीय रियल एस्टेट बाजार पर भी पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अविलंब इस निर्णय को रद्द करने और प्राप्त आपत्तियों पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि लागू सर्किल रेट निरस्त किया जाए। वहीं, पिछले पांच दिनों से चायल उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा नहीं होने के कारण सरकार को करीब 10 से 15 लाख रुपये की राजस्व हानि हुई है। स्टाम्प वेंडर आदि की दुकानें भी बंद रहीं। इस दाैरान जगजीत सिंह, राजेश्वर यादव, अजीत सिंह, सगीर अहमद, सुखलाल यादव, विजय प्रकाश यादव, सुरेंद्र सिंह और धर्मेंद्र यादव समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।