Election: The political equation of the district is changing due to the discussion of new candidates
2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर जिले का सियासी समीकरण पल-पल बदल रहा है। बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। डिप्टी सीएम केशव मौर्य की सक्रियता के कारण सिराथू से मैदान में उतरने की संभावना है। जबकि चायल और सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है। इसी तरह सदर सीट से राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का सपा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। कांग्रेस अभी दावेदारों की स्क्रीनिंग में लगी हुई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर अभी तक केवल बहुजन समाज पार्टी ने ही अपने पत्ते खोले हैं। पार्टी ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए सिराथू से संतोष त्रिपाठी और चायल क्षेत्र से अतुल द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है।
जबकि मंझनपुर क्षेत्र से नीतू कनौजिया को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर रखा है। सत्ताधारी दल भाजपा में तीनों सीटिंग विधायकों के टिकट को लेकर उहापोह बना हुआ है। वहीं सक्रियता को देखते हुए सियासी पंडित सिराथू क्षेत्र से डिप्टी सीएम केशव मौर्य की उम्मीदवारी तय मान रहे हैं।
यदि ऐसा हुआ तो मौजूदा विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल मैदान से बाहर हो जाएंगे। इसका दूसरा प्रभाव चायल क्षेत्र के टिकट पर भी पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सियासी जानकारों की मानें तो जातिगत समीकरण साधने के लिए भाजपा चायल के टिकट में भी फेरबदल कर सकती है। मंझनपुर(सुरक्षित) सीट पर भी अंदरखाने उम्मीदवार बदलने की चर्चा चल रही है।
ऐसा ही कुछ घमासान प्रमुख विपक्षी पार्टी सपा में चल रहा है। पार्टी ने फिलहाल अभी उम्मीदवारों की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन पूर्वमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का मंझनपुर से चुनाव लड़ना तकरीबन तय माना जा रहा है। जबकि सिराथू और चायल सीट पर दावेदारों के बीच होड़ मची है। वहीं कांग्रेस अभी उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग कर रही है।