इसी स्थान पर हाईटेंशन की चपेट में आया डीजे।
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नाचते गाते हुए जा रहे थे बराती
जनवासा गांव में ही बना था, लेकिन बारिश हो रही थी, इसलिए बरातियों को बस में ही जलपान करा दिया गया था। बारिश रुकने के बाद रात करीब 11 बजे अगवानी हुई। गांव के खड़ंजे पर डीजे वाहन के पीछे बराती डांस करते हुए जा रहे थे। डीजे के साउंड सिस्टम को बारिश से बचाने के लिए चरवा कोतवाली के काजू निवासी श्रमिक सतीश कुमार (19) पुत्र लल्लाराम छाता लेकर खड़ा था।
इस दौरान उसका छाता विद्युत उपकेंद्र राला की एचटी लाइन के ढीले तारों के संपर्क में आ गया। विद्युत सप्लाई चालू होने के कारण डीजे वाहन में करंट उतर आया। करंट की चपेट में आने से सतीश के साथ ही डीजे वाहन को पकड़ कर खड़े रवि कुमार और राजेश गंभीर रूप से झुलस गए।
बरात में शामिल करीब 10 अन्य लोगों को भी करंट के झटके लगे, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद बिजली की आपूर्ति खुद ब खुद बंद हो गई। बराती अपने वाहन से रवि व राजेश को और डीजे वाहन के साथ आए लोग सतीश को ऑटो से जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
वर-वधू ने लिए सिर्फ सात फेरे, नहीं विदा हुई दुल्हन
इस दर्दनाक हादसे के बाद विवाह की सिर्फ रस्म अदायगी भर हुई। वर-वधू ने सात फेरे तो लिए, लेकिन दुल्हन की विदाई नहीं हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस घटना के लिए दोषी बताया। कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद बिजली की लाइन दुरुस्त नहीं कराई गई।
कोखराज के उसरापर में बरात आई थी। डीजे वाहन पर लगे साउंड को भीगने से बचाने के लिए छाता लगाया गया था, इसे सतीश पकड़े था। रास्ते में बिजली के ढीले तार से यह छाता छू गया। इससे करंट उतर आया। करंट लगने से छाता पकड़ कर खड़े सतीश व साउंड के पास खड़े दो अन्य व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। - अवधेश विश्वकर्मा-सीओ सिराथू