स्वच्छता की अलख जगाने वालों के यहां कूड़े और अव्यवस्था का अंबार
कौशाम्बी ब्लाक में टूटी छत और सीलन भरे कमरों में काम करते हैं कर्मचारी
मंझनपुर। गांवों को साफ-सुधरा बनाने के लिए अभियान चलाकर संकल्प दिलाने वाले ब्लाक के जिम्मेदार खुद गंदगी के बीच काम करने को विवश हैं। ब्लाक परिसर में चारो तरफ कूड़े का अंबार लगा है। कर्मचारियों को काम करने के लिए मिले कमरों में सीलन हैं। ऐसे में यहां तैनात स्टाफ काम करने में खुद को असहज महसूस करता है।
ब्लॉक के एक कमरे के किनारे कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतले पड़ी हैं। बोतलों के ऊपर धूल की मोटी परत जमी है। परिसर में जो खडंजा लगा है उसमें जल भराव होने के कारण काई लगी है। इसकी वजह से लोगों के फिसलने का खतरा बना रहता है। जेई, एमआई के कार्यालय की छत टूटी है।अवर अभियंता लघु सिंचाई विभाग कमलेश कुमार को ब्लॉक में कमरा नंबर पांच अलाट किया गया है। यह कमरा बैठने योग्य नहीं है। कमरे में पानी भरा है और छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर चुका है। बरसात में कमरे में पानी आता है। ऐसे हालात में हर वक्त दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है। अवर अभियंता का कहना है कि 19 अप्रैल से अब तक वह कई बार पत्र लिख चुके हैं। इसके बाद भी अफसरों की तरफ से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। ऐसे में उसने अब पत्र लिखकर कहा है कि अगर कोई घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? इसका जवाब अफसरों की तरफ से नहीं मिल सका है।