तन्नापर चौराहे के पास नहर पर बनी संकरी और क्षतिग्रस्त पुलिया प्रशासनिक अनदेखी की वजह से लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। टूटी सुरक्षा दीवार, पर्याप्त रोशनी और चेतावनी संकेतों के अभाव में यहां अलग अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन जिम्मेदार अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।
मंझनपुर बाजार-नारा और उदिहिन-ओसा मार्ग को जोड़ने वाली इस पुलिया से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। वर्ष 2019 में बनी पुलिया की सुरक्षा दीवार निर्माण के कुछ ही महीनों बाद क्षतिग्रस्त हो गई थी। अप्रैल में जुवरा नारा निवासी महेंद्र मौर्य इसी पुलिया से नहर में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका उपचार लखनऊ में चल रहा है।
पुलिया में सुरक्षा दीवार नहीं होने से गुजरने वाले राहगीर अक्सर नहर में गिर जाते हैं। हादसे से कई लोगों की अब तक मौत भी हो चुकी है। पुलिया में जल्द ही सुरक्षा घेरा बनना चाहिए। - धनंजय नामदेव, स्थानीय निवासी
पुलिया बहुत संकरी है और बगल में तन्नापर चौराहा है, इससे यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। पुलिया का चौड़ीकरण होना चाहिए। तभी होने वाले हादसे को रोका जा सकता है। - दीपक कुमार, स्थानीय निवासी
घुमावदार सड़क होने से रास्ता रात के अंधेरे में समझ नहीं आता है, इससे अक्सर यहां पर हादसा होता रहता है। -गौतम कुमार, स्थानीय दुकानदार
पुलिया के नजदीक घर होनेे से हादसा होने पर सबसे पहले पहुंचते हैं। पुलिया पर दीवार खड़ी की जाए या फिर पुलिया को चौड़ा की जानी चाहिए। - वासुदेव, स्थानीय निवासी
तन्नापर चौराहे के बगल बनीं नहर की पुलिया की टूटी हुई रेलिंग। संवाद
तन्नापर चौराहे के बगल बनीं नहर की पुलिया की टूटी हुई रेलिंग। संवाद
तन्नापर चौराहे के बगल बनीं नहर की पुलिया की टूटी हुई रेलिंग। संवाद
तन्नापर चौराहे के बगल बनीं नहर की पुलिया की टूटी हुई रेलिंग। संवाद
तन्नापर चौराहे के बगल बनीं नहर की पुलिया की टूटी हुई रेलिंग। संवाद