पुरुषोत्तम मास की परमा एकादशी 11 जून को है। शास्त्रों के मुताबिक इस दिन व्रत, जाप, दान करने से नष्ट हो जाते हैं सभी पाप और कष्ट। यह व्रत केवल पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में ही आता है। इसलिए इसका महत्व अन्य एकादशियों की तुलना में और भी अधिक बढ़ जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, पूजा, जप, दान और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं। वहीं उसे सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंडित दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि परमा एकादशी का व्रत जीवन में आने वाले कष्टों, आर्थिक परेशानियों को दूर करने वाला माना गया है।