डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार छीने
सिराथू ब्लॉक के रामपुर धमावां गांव का मामला
पंचायत सचिव को पहले ही किया जा चुका है निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिराथू ब्लॉक के रामपुर धमावां गांव में शौचालय निर्माण की खातिर भेजी गई धनराशि प्रधान-पंचायत सचिव ने हजम कर ली। इन्होंने 56 शौचालयों का निर्माण कराया ही नहीं। सैकड़ों का अर्धनिर्माण कराकर रुपये निकाल लिए। जांच में आरोप सही होने के बाद डीएम ने प्रधान के सारे वित्तीय अधिकार छीन लिए हैं। सेक्रेटरी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
बताया जाता है कि प्रधान राघवेंद्र सिंह और पंचायत सचिव सुशील सिंह ने यह घपलेबाजी वर्ष 2019 में की है। ग्रामीणों की शिकायत पर डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने जांच की तो पता चला कि 16 शौचालयों में सीट नहीं लगवाई गई है। 14 में गड्ढ़े नहीं हैं। 50 में टाइल्स नहीं लगी मिली। 24 में चेंबर नहीं था। 12 बिना दरवाजे के थे। 182 में पानी टंकी नहीं थे। जबकि इन शौचालयों का निर्माण पूरा दिखाकर रकम भी पूरी निकाल ली गई थी। 56 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही धनराशि निकाली गई थी। जांच के बाद पांच दिसंबर 2019 को डीपीआरओ ने प्रधान-पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस भेजी। निर्धारित अवधि के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर 21 दिसंबर को फिर नोटिस भेजी गई। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर डीपीआरओ की रिपोर्ट पर 11 मई 2020 को डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने प्रधान के भी सारे वित्तीय अधिकार छीन लिए। कार्रवाई के बाद से प्रधान-पंचायत सचिव के होश उड़े हुए हैं।