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पोषण पुर्नवास केंद्र में बच्चें भर्ती नहीं होने से डीएम नराज

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पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे भर्ती नहीं होने से डीएम नाराज
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- शुक्रवार को वर्चुअल मीटिंग के दौरान हुई पोषण माह की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। पोषण माह को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार सहित विभिन्न विभागों के अफसरों संग वर्चुअल मीटिंग के जरिए समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि अति कुपोषित की श्रेणी में शामिल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती ही नहीं कराया जा रहा। जिला अस्पताल स्थित केंद्र में 10 बेड के सापेक्ष महज छह बच्चे ही भर्ती मिलने की जानकारी से नाराज डीएम ने अफसरों को चेतावनी दी।
पोषण माह को लेकर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अफसरों संग शुक्रवार को पहली साप्ताहिक वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान पता चला कि जिले में 38 हजार बच्चे कुपोषित हैं। जिसमें से चार हजार से ज्यादा बच्चे अति कुपोषित है। अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों में मृत्यु दर बढ़ने की संभावना रहती है। सैम श्रेणी में आने वाले इन बच्चों में जो गंभीर होते हैं उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। जिले में 105 बच्चे इसी श्रेणी के चिन्हित किए गए हैं। इनमें से गंभीर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। इसके बावजूद जिला अस्पताल स्थित केंद्र में 10 बेड के सापेक्ष महज छह ही बच्चे भर्ती होने की जानकारी मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चे का परिवार अगर गरीब मजदूर है तो उसे मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनाकर काम दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाओं की व्यवस्था करे। बाल विकास विभाग पुष्टाहार वितरण के साथ ही बच्चों की नियमित निगरानी कराएगा। बेसिक शिक्षा विभाग को किचेन गार्डेन स्थापित कराने की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही पंचायती राज विभाग को तमाम तरह के काम दिए गए। बैठक के दौरान सभी विभागों के अफसर ऑनलाइन जिलाधिकारी से सीधे संपर्क में रहे।
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नासिरपुर फरीदगंज में गिरा बिजली की तार, टला हादसा
फोटो -06
कड़ा (संवाद)। दारानगर विद्युत उपकेंद्र स्थित नासिरपुर फरीदगंज गांव में शुक्रवार भोर करीब पांच बजे एलटी लाइन अचानक टूट कर गिर गई। विद्युत आपूर्ति होने के कारण तार के टकराने से चिंगारी निकलने लगी। गनीमत रही कि भोर का वक्त होने के कारण लोग बाहर नहीं थे। इस वजह से कोई हादसा नहीं हो सका। स्थानीय लोगों की शिकायत पर दोपहर बाद पहुंचे बिजली कर्मियों ने तार को फिर से जोड़ा। इससे गांव के लोगों में गुस्सा है। गांव के मनीष सहगल का कहना है कि तार करीब 30 साल पहले खींची गई थी। अब वह पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग के अफसरों से की गई। शिकायत के बाद भी तार को बदला नहीं जा सका। नतीजन सप्ताह भर में दूसरी बार फिर से तार टूटी है।
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