कोतवाली क्षेत्र के पिपरी गांव में एक दिव्यांग ने घर के अंदर गमछे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पत्नी भी दिव्यांग है। बताया जा रहा है कि दिव्यांग नेआर्थिक तंगी के कारण आत्मघाती कदम उठाया है।
दिव्यांग की मौत के बाद उसके बेटे ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की गुहार लगाई। इस पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दोपहर बाद मृतक का शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पिपरी गांव का रूखसार (45) दिव्यांग था। उसकी पत्नी भी दिव्यांग है। दोनों मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार सुबह रूखसार के बेटे रफीक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि रात को उसके पिता ने घर के अंदर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी का कारण वह नहीं बता सका। रफीक ने पुलिस से कहा कि वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता। पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव को घरवालों के हवाले कर दिया।
घरवालों की फटकार से क्षुब्ध किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान
कोतवाली क्षेत्र के तिल्हापुर गांव में रविवार देर शाम एक किशोरी का घर के अंदर फांसी पर लटका शव मिला है। परिवार के लोग खेत से काम करके घर लौटे तो शव देखा। परिवार वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तिल्हापुर गांव निवासी अर्जुन प्रसाद मजदूर है। अर्जुन ने बताया कि रविवार सुबह परिवार के सभी सदस्य खेत में काम करने के लिए जा रहे थे। इस पर उसकी 14 वर्षीय बेटी विद्योतमा को भी साथ चलने के लिए कहा गया। विद्योतमा ने खेत जाने से मना किया तो घरवालों ने उसे डांट-फटकार दिया।
इसके बाद सारे लोग खेत चले गए। शाम को वह लोग लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से खुला था। अंदर जाने पर देखा कि बेटी ने धन्नी में रस्सी के सहारे फांसी लगा ली थी। आननफानन उसे नीचे उतारा गया। घटना में किशोरी की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने घटना के बाबत पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।