दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर चायल तहसील क्षेत्र में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कई जगह श्रद्धालुओं व पुलिस प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी। लाउडस्पीकर व डीजे पर रोक और तालाबों के गंदे पानी को लेकर कहासुनी के हालात बने लेकिन एसडीएम आकाश सिंह और एसपी राजेश कुमार सिंह के हस्तक्षेप के बाद प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन कराया गया।
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के बूंदा गांव में विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस ने तेज आवाज में डीजे पर रोक लगाई तो श्रद्धालु भड़क गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। बाद में श्रद्धालुओं ने एसपी राजेश कुमार सिंह से फोन पर बात की।
परंपरा का हवाला देते हुए एसपी ने कम आवाज में डीजे बजाने की अनुमति दी। इसके बाद श्रद्धालु खुशी-खुशी जुलूस निकालते हुए चिह्नित स्थल पर पहुंचे और प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
इसी तरह पेरई तिल्हापुर मोड़ पर पुलिस ने बिना डीजे के विसर्जन का निर्देश दिया तो ग्रामीणों ने विरोध किया। सूचना पर एसडीएम आकाश सिंह मौके पर पहुंचे और लाउडस्पीकर के साथ विसर्जन की अनुमति दी। इसके बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।
कसेंदा गांव में श्रद्धालु प्रतिमाओं को ससुर खदेरी नदी में विसर्जित करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर राजा तालाब में विसर्जन कराया। यहां कसेंदा की छह प्रतिमाओं समेत क्षेत्र की करीब दर्जन भर प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। हालांकि, श्रद्धालुओं ने शिकायत की कि तालाब में नाले का गंदा और बदबूदार पानी भरा है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को समझाया कि नदी में विसर्जन से पर्यावरण को नुकसान होता है इसलिए तालाब में ही विसर्जन कराया जा रहा है। इसके अलावा रेही, तिल्हापुर, जवाहरगंज, शेखपुर रसूलपुर, जलालपुर शाना, बलीपुर टाटा सहित कई गांवों की प्रतिमाओं का विसर्जन गांव के तालाबों में ही कराया गया।