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जिला अस्पताल में शुरु हुआ डेंगू वार्ड, तैयारी अधूरी

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संयुक्त जिला चिकित्सालय। - फोटो : KAUSHAMBI
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कोरोना महामारी के बीच जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी है। मरीजों के इलाज को देखते हुए संयुक्त जिला अस्पताल में शुक्रवार से डेंगू वार्ड का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है।
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हालांकि, वार्ड की तैयारियां अभी अधूरी हैं। सीएमएस डॉ दीपक सेठ का कहना है कि पीड़ितों की डेंगू जांच के लिए फिलहाल वह एंटीबाडीज किट पर ही निर्भर हैं। सही और सटीक डेंगू की जांच रिपोर्ट के लिए मरीज का सैंपल प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल भेजना पड़ेगा।
पिछले एक सप्ताह से जिले में डेंगू बुखार ने दस्तक दे दी है। यहां के भरवारी, सरायअकिल, करारी, अजुहा समेत कई गांवों में डेंगू के मरीज सामने आए हैं। डेंगू पीड़ितों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में अलग वार्ड का संचालन शुरू करा दिया है।
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वार्ड में एक बार में 10 मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। जिसमें बेड, मच्छरदानी के साथ ही स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, डेंगू वार्ड में फिलहाल किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।
सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बताया कि अस्पताल के दूसरी मंजिल में डेंगू वार्ड बनाया गया है। स्टाफ को मरीजों के इलाज के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। डेंगू की जांच के लिए अस्पताल में अभी एंटीबॉडीज किट की ही व्यवस्था है।
एलाइजा तकनीक से जांच को जाना होगा प्रयागराज
जिला अस्पताल में बुखार पीड़ित मरीज को डेंगू की सटीक रिपोर्ट के लिए प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। दरअसल जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद बुखार पीड़ित मरीज की डेंगू जांच केवल एंटीबॉडजी किट पर ही निर्भर है। डेंगू पीड़ित मरीज की सटीक जांच के लिए अस्पताल के चिकित्सक एलाइजा तकनीक पर ही ज्यादा भरोसा करते है।
प्लेटलेटस की अनुपलब्धता बड़ी समस्या
जिला अस्पताल के चिकित्सक बताते है कि डेंगू पीड़ित मरीज को सबसे अधिक जरूरत प्लेटलेट्स की होती है। ऐसे में डेंगू वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज के लिए अस्पताल प्रशासन को दवाओं के साथ प्लेटलेट्स की भी जरूरत पड़ती है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में इसकी कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां भर्ती होने वाले मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए प्रयागराज जनपद पर निर्भर रहना होगा।
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