किशोरी को अगवाकर बेचने के एक आरोपी की शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी। आरोपी ने महिला समेत अपने दो साथियों की मदद से किशोरी को वेश्यावृत्ति के लिए आगरा में बेच दिया था। फिलहाल, अभी तक अगवा किशोरी की बरामदगी नहीं हो सकी है।
पिपरी इलाके के एक गांव में रहने वाली एक 15 वर्षीय किशोरी 11 अगस्त 2019 को घर से बाहर शौच के लिए गई थी। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं लगने पर किशोरी की मां ने करारी कोतवाली में बेटी के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दिया था।
दौरान विवेचना करारी कोतवाली के महमूदपुर संवरों गांव निवासी बुधवराम और धर्मेंद्र का नाम प्रकाश में आया। पुलिस गिरफ्त में आए बुधराम और धर्मेंद्र ने बताया था कि उन लोगों ने एक अन्य महिला की मदद से किशोरी का अपहरण कर आगरा शहर में 45 हजार रुपये में वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया है।
पुलिस ने लिखापढ़ी कर आरोपियों को जेल भेज दिया। इनमें से एक आरोपी बुधराम ने अदालत में जमानत अर्जी लगाई। अपर शासकीय अधिवक्ता अनिरुद्घ मिश्रा ने आरोपी के अपराध को जघन्य बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें और अभिलेखीय साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत ने आरोपी की जमानत नामंजूर कर दिया।