मां ने कहा - बेटे ने नहीं किया किसी के साथ दुष्कर्म
सूचना के बाद मौके पर पहुंची कोखराज पुलिस ने हंसराज की मौत को आत्महत्या मानकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं दूसरी तरफ मृतक हंसराज की मां बड़की देवी ने बताया कि 14 अप्रैल को हंसराज ने थोड़ी सी शराब पी ली थी। वह घर के पास ही घूम रहा था। उसके बेटे ने किसी महिला के साथ दुष्कर्म नहीं किया है। उसको फर्जी तरीके से साजिश के तहत फंसाया गया है। बड़की के मुताबिक 16 अप्रैल को शाम चार बजे आरोप लगाने वाली महिला का देवर बेटे को घर से बुलाकर ले गया था।
आरोप है कि वहां हंसराज को आरोप लगाने वाली महिला समेत उसके ससुर देवर और देवरानी ने जमकर मारा-पीटा था। बीच-बचाव करने वह स्वयं मौके पर गई थी। वहां से आने के बाद ही डर वश उनका बेटा घर से सौ रुपया मांगकर बहिन के गांव जवाहरगंज जाने की बात कहकर निकल गया था। बुधवार को वापस घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन करना शुरू कर दिया था, लेकिन पता नहीं चला।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार शाम हंसराज की मौत की सूचना उन्हें ग्राम प्रधान के जरिए मिली। परिजनों ने हंसराज की हत्या करने का आरोप लगाया है। पत्नी ननकी देवी ने कोखराज कोतवाली में चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। प्रकरण में इंस्पेक्टर कोखराज इंद्रदेव का कहना है कि प्रथमदृष्टया मामला खुदकुशी का लग रहा है, बाकी मौत कैसे हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
मृतक की जेब में सुसाइड नोट मिलने की भी चर्चा
रेलवे लाइन के समीप जिस जगह हंसराज का शव पड़ा मिला था, वहां सूचना के बाद पहुंची भरवारी चौकी पुलिस को शव की शिनाख्त और जांच पड़ताल के दौरान ही मृतक के जेब में एक सुसाइड नोट मिला था। चर्चा है कि सुसाइड नोट में मृतक ने खुद को निर्दोष बताते हुए लिखा था कि फर्जी तरीके से उसे फंसाया जा रहा है। इसके साथ ही उसने मामले में सरायअकिल पुलिस के ऊपर रुपये लेने का गंभीर आरोप भी लगाया था। पुलिस महकमे की किरकिरी न हो इसीलिए शायद मृतक की जेब में मिले सुसाइड नोट को छिपाया जा रहा है।
नाबालिग बेटे को दो दिनों तक हिरासत में रखने का आरोप
मृतक हंसराज के 13 साल के ने बताया कि दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद 16 अप्रैल को उसके पिता घर से कहीं चले गए थे। बुधवार को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद तिल्हापुर चौकी पुलिस उसके घर पहुंची और धमकाते हुए सरकारी जीप में बैठाकर थाने पहुंचा दिया। आरोप है कि वहां दो दिनों तक एक कमरे में उसे बैठाये रखकर धमकाया जाता रहा। बृहस्पतिवार शाम जैसे ही पुलिस को पता चला कि उसके पिता की मौत हो गई, उसे चुपचाप वापस गांव लाकर छोड़ दिया गया।