पचास साल पूर्व सैनी में स्थापित डाकघर दो दिन पहले अचानक बंद कर दिया गया। डाकघर बंद किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा है। लोग इसे विभाग की मनमानी करार दे रहे हैं।
प्रधान ने डाक विभाग के इस फैसले को जन विरोधी करार दिया है। प्रधान और गांववालों का कहना है कि डाकघर को दुबारा खुलवाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने सांसद को भी पत्र भेजकर डाकघर दुबारा खुलवाने की मांग की है।
सैनी में डाक सेवा के लिए करीब 50 साल पहले डाकघर की स्थापना हुई थी। इस ब्रांच आफिस में एक कर्मचारी की तैनात भी थी। सैनी के लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र के निंदूरा, डोरमा, साढो, अजुहा, कनवार, धमांवा, सेलरहा, उदहिन समेत अन्य ग्रामीण अंचलों में उप डाकघर के शाखाएं संचालित हैं।
इनमें से कई जगह दो से तीन कर्मचारी भी नियुक्त हैं। इनमें से किसी भी शाखा को बंद नहीं किया गया, तो फिर सैनी शाखा को बंद करने का क्या औचित्य है। सैनी डाकघर बंद किए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने इस मामले में भाजपा सांसद विनोद सोनकर से भी मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
सैनी के प्रधान गणेश प्रसाद, पूर्व प्रधान विजय प्रकाश गुप्ता, देशराज सिंह आदि ने कहाकि यदि जल्द ही डाकघर नहीं खोला गया, तो वे इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री को पत्र भेजेंगे। इस बारे में विभाग के एसडीआई एके सिंह का कहना है कि उन्होंने तो ऊपर से आए आदेश का पालन ही कराया है।
एसडीआई ने कहाकि उन्हें खुद भी नहीं समझ में आ रहा है कि आखिर सैनी डाकघर को क्यों बंद किया गया है।