कड़ा। शक्तिपीठ मां शीतला के कालेश्वर घाट पर गंगा के दूसरे छोर पर मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई। नाविकों ने मगरमच्छ को देखा तो जान बचाकर भागे। वन विभाग की टीम पहुंचने से पहले ही मगरमच्छ पानी में चला गया।
कालेश्वर घाट से कुछ नाविक नाव लेकर नदी के दूसरे छोर (प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर की ओर) गए थे। वहां उन्होंने गंगा के कछार में एक मगरमच्छ को देखा। नाविक वहां से लौटे और कालेश्वर घाट आकर नदी में मगरमच्छ होने की लोगों की जानकारी दी। इस पर घाट पर स्नान करने वाले लोग बाहर निकल आए।
डीएफओ गोविंद प्रसाद का कहना है मगरमच्छ गंगा में नहीं पाया जाता। चंबल नदीं में पाए जाते हैं। चंबल यमुना की सहायक नदी है। कयास है कि वह यमुना के रास्ते प्रयागराज होते हुए गंगा में आया होगा। पता लगाया जाएगा। घाट पर स्नान आदि करने वालों को भी अलर्ट किया जाएगा।