मंझनपुर। आई फ्लू यानि कंजेक्टिवाइटिस ने एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल ड्रॉप की खपत बढ़ा दी है। जिला अस्पताल में आई ड्रॉप का संकट है। मजबूरी में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। मेडिकल स्टोर भी मुश्किल से दवा मिल रही है। फुटकर दुकानदारों का कहना है कि थोक दवा विक्रेताओं से मांग के अनुरूप ड्रॉप नहीं मिल पा रहा है।
मंझनपुर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक घनश्याम अग्रहरि का कहना है कि जिले में कई साल बाद आई फ्लू का प्रकोप बढ़ा है। पहले एक दिन में महज पांच से छह ड्रॉप ही बिकते थे। अब वह बढ़कर सौ के करीब पहुंच चुके हैं। मोक्सीफ्लोक्सिन, ट्रोबामाइसिन, सिप्रो व ओफ्लोक्सासिन की मांग तेजी से बढ़ी है।
भरवारी में मेडिकल स्टोर का संचालन करने वाले शिवा पांडेय बताते हैं कि पिछले करीब 20 दिनों से अचानक आंख के ड्रॉप की मांग बढ़ी है। लोग एहतियातन खरीद रहे हैं। थोक कारोबारी पूरी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं।
जल्द खत्म होगा दवाओं का संकट
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ हेमंत यादव का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण कंजेक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। महीने भर पहले जो ओपीडी 70 से 80 मरीजों की हो रही थी, वह अब रोजाना दो सौ के पार पहुंच रही है। ज्यादातर मरीजों में आई फ्लू की समस्या रहती है। अस्पताल में आई आई ड्रॉप तो हैं। कुछ समाप्त हो गए हैं, जिनकी डिमांड सीएमएस स्तर से भेजी गई है। जल्द ही दवाओं का इंतजाम हो जाएगा।