मंझनपुर। द्वाबा के पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने मुहिम छेड़ दी है। दुधारू पशुओं की तस्करी रोकने और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस और राजस्व अफसरों की तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मवेशियों की तस्करी में संलिप्तों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है। साथ ही पशु तस्करी रोकने के लिए महीनेभर तक चेकिंग अभियान चलेगा।
पशुओं की खरीद-फरोख्त करके उन्हें वध के लिए दूसरों राज्यों में भेजने का कालाधंधा कौशाम्बी में अरसे से चल रहा है। कौशाम्बी के रास्ते रोजाना ट्रक और कंटेनर से जानवर पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्यों में भेजे जाते हैं। यमुना पार के जिलों से पशुओं को तस्कर कौशाम्बी से उन्हें गैरप्रांत भेजते रहते हैं। आए दिन होने वाली धरपकड़ इस कालेधंधे की पुष्टि करती है। अब तक जिले की पुलिस ने सैकड़ों तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। इसके बाद भी जिले के रास्ते से हो रही पशु तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
इधर, पुलिस महानिदेशक अरुण कुमार गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेज पशुतस्करों की धर पकड़ के साथ इनकी तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाने का फरमान जारी किया है। पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बताया कि दुधारू पशुओं की तस्करी को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी और सीओ के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गई है। ये टीमें 19 फरवरी तक अभियान चलाकर पशुतस्करों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। बता दें कि पशुतस्करों की धरपकड़ के साथ जिले के पुलिस इनकी कर्मकुंडली भी तैयार करने में जुट गई है।
पुलिस उपमहानिदेशक के फरमान के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसपी ने जिले के थानेदारों को प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी के रास्ते को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। एसपी ने अभियान चलाकर पशु बाजार, वधशाला का भी नियमित निरीक्षण करने और मवेशी लादने वाले वाहनों को चिह्नित करने, चेकिंग लगाकर पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत भी सभी थानेदारों को दी है।
दुधारू पशुओं की तस्करी कौशाम्बी के रास्ते बिहार, बंगाल और नेपाल तक होती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मवेशी लदे वाहन फतेहपुर, कौशाम्बी, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा, बहराईच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर सड़क मार्ग से बिहार, बंगाल और नेपाल तक भेजे जाते हैं।