सिराथू। सैनी कोतवाली क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव में बृहस्पतिवार की रात मासूम बेटे के साथ विवाहिता घर के भीतर आग का गोला बन गई। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मां-बेटे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मगर वहां कुछ ही घंटों में दोनों की मौत हो गई। चर्चा है कि रात पति से झगड़ने के बाद विवाहिता ने आत्मघाती कदम उठाया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव निवासी उमेश कुमार किसान है। बृहस्पतिवार की रात पत्नी उर्मिला देवी से किसी बात को लेकर तकरार हो गई। इसके बाद विवाहिता तीन साल के मासूम बेटे मनीष को लेकर कमरे में सोने चली गई।
बताया जा रहा है कि गुस्से में उर्मिला देवी (28) ने अपने और मासूम बेटे मनीष (3) के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। देखते ही देखते मां-बेटे आग का गोला बन चीखने चिल्लाने लगे। शोर सुन परिजन घटनास्थल की ओर भागे। परिजनों ने किसी तरह आग बुझाकर बचाने का प्रयास किया। मगर तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। पड़ोसियों की मदद से देर रात दोनोें को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उर्मिला की मौत हो गई। चिकित्सकों ने मासूम को एसआरएन भेज दिया। जहां शुक्रवार की सुबह मासूम ने भी दुनिया को अलविदा कह गया। मां और बेटे की मौत से परिजनों का हाल बेहाल है। सैनी पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिली है, पुलिस घर गई थी। घर पर कोई मिला नहीं। घटना की तहकीकात की जा रही है, जो सच्चाई सामने आएगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मां-बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।