सिराथू/कड़ा। सैनी कोतवाली के अंतू का पुरा गांव के रहने वाले मासूम बच्चे अनिकेत (5) पुत्र बृजमोहन की सोमवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। घर के सामने खेलते उसे तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया था। खून से लथपथ बच्चे की लाश देखकर जब तक घर-परिवार और आसपास के लोग दौड़े। कार लेकर चालक भाग निकला था। मासूम की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के अंतू का पुरवा गांव निवासी बृजमोहन का बेटा अनिकेत (5) सोमवार को दिन में करीब 11 बजे घर के सामने सड़क किनारे खेल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियोें के मुताबिक तभी वहां से तेज रफ्तार जायलो कार निकली। कार सड़क किनारे खेल रहे अनिकेत को रौंदते हुए निकल गई। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उधर, कार की चपेट में बच्चे को आया देख आसपास मौजूद रहे लोगों के होश उड़ गए। चीखते-चिल्लाते परिजन और गांववाले दौड़े। जबतक लोग सड़क पर पहुंचते, चालक कार समेत भाग निकला था।
उधर, सड़क पर खून से लथपथ अनिकेत को देख लोगों की रूह कांप गई। परिजन उसे उठाकर रोते-बिलखते नजदीकी अस्पताल की ओर भागे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चेकअप करते ही उसे मृत घोषित कर दिया। मार्ग हादसे में बच्चे की मौत होने की सूचना पर आई देवीगंज चौकी पुलिस ने जांच करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने मृतक अनिकेत के बाबा राजाराम की तहरीर पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, मासूम बच्चे की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बेटे की मौत से मां रामकली की तो रो-रोकर हालत खराब है। उसे ढांढस बंधाने वाली महिलाएं और ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
सड़क दुर्घटना हादसे में मासूम अनिकेत को गंवाने वाले अंतू का पुरवा गांव के राजाराम के परिवार पर यह हादसा वज्रपात बनकर गिरा है। मासूम की मौत से पूरा कुनबा दर्द से कराह उठा। बता दें कि दो साल पहले ही राजाराज के बेटे बृजमोहन (अनिकेत के पिता) की मौत पेड़ से गिर जाने से हो गई थी। अब सड़क हादसे ने राजाराम के घर के इकलौते चिराग को भी बुझा दिया है। मासूम नाती अनिकेत की मौत से सदमे में आए राजाराम अपनी किस्मत को कोसते हुए छाती पीट रहे थे। भरी आंख लेकर बार-बार अपना हाथ ऊपर उठाकर ऊपरवाले से यही सवाल कर रहे थे, आखिर बार-बार उसे किस बात की सजा दी जा रही है। वहीं रामकली भी मासूम बेटे का शव देखकर सुध-बुध खो बैठी थी। बता दें कि रामकली ने जहां हादसे में ही दो साल पहले अपना पति गंवाया था। वहीं आज कुदरत ने उससे उसके जीना का आखिरी सहारा बेटा अनिकेत भी छीन लिया। हादसे से पूरे गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या कहकर बूढ़े राजाराम और विधवा रामकली को दिलासा दिलाई जाए। क्योंकि दो साल में हुए दो हादसे ने तो उसका सबकुछ छीन लिया है।