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इज्जत के खातिर हुई प्रेमी-प्रेमिका की हत्या!

Wed, 01 Mar 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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kaushambi - फोटो : इलाहाबाद
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किशनपुर अम्बारी गांव के बाहर अमरूद की बाग में शोभा व छोटू की हत्या हुई या दोनों ने आत्महत्या की। इस पर फिलहाल रहस्य का पर्दा पड़ा है। पुलिस आत्महत्या करने का दावा कर रही है, लेकिन गांव के लोग इसे मानने को तैयार नहीं। तीन दिन से लापता शोभा छोटू के साथ किशनपुर गांव में सोमवार को थी। इसकी भनक लगते ही उसके मां-बाप रात में गांव पहुंच गए थे। जहां छोटू से शोभा के पिता की तकरार हुई थी, इतना ही नहीं उसको मारने के लिए दौड़ाया भी गया था। इसके बाद सुबह दोनों की लाश मिली। इसके बाद भी पुलिस इसे आत्महत्या बताने पर उतारू है। इतना ही नहीं यदि छोटू ने आत्महत्या की तो उसके पर्स से रुपया कहां गया और मोबाइल कौन ले गया? इसका जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है।
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खरका (फकीराबाद) सरायअकिल निवासी छोटू (18) पुत्र अमृतलाल चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। छोटू मोहल्ले की शोभा (17) पुत्री गुड्डा से प्रेम करता था। शोभा चार बहनों में सबसे बड़ी थी। उनके इस प्रेम-प्रसंग से पूरा गांव वाकिफ था। हाल ही में शोभा की शादी उसके पिता ने भगवानपुर गांव में तय की थी। 29 अप्रैल को शादी होने वाली थी। शादी तय होने के बाद छोटू पर उसके परिजनों ने दबाव बनाया तो वह डेढ़ महीने पहले मुंबई (कल्यान) चला गया।

इसके बाद भी शोभा व छोटू की मोबाइल पर बातचीत होती रहती थी। दोनों एक-दूसरे के बगैर रहने को तैयार नहीं थे। छोटू 25 फरवरी को मुंबई से इलाहाबाद के लिए निकला। 26 की दोपहर को वह इलाहाबाद में उतरा। 26 की ही शाम शोभा घर से गायब हो गई। परिजनों ने सरायअकिल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार की शाम शोभा और छोटू किशनपुर अम्बारी गांव के एक व्यक्ति के यहां रुके थे। जानकारी होते ही शोभा का पिता गुड्डा और मां राजरानी पहुंच गई। छोटू और गुड्डा में जमकर विवाद हुआ। छोटू को मारने के लिए गुड्डा ने दौड़ा लिया। इसके बाद दोनों की लाश मंगलवार को शंभू जायसवाल के अमरूद की बाग में पेड़ पर लटकती मिली।
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पुलिस का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। पुलिस सोमवार की शाम हुए विवाद का जिक्र करने से भी कतरा रही है। इसके अलावा छोटू के पर्स से पुलिस को दो मोबाइल सिम, जनरल व बर्थ का टिकट और मात्र एक रुपया मिला।  छोटू मुंबई से आया था, जाहिर सी बात है कि उसके पास रुपये होने चाहिए थे। वह रुपया कहां गए और उसका मोबाइल कौन ले गया? इसका जवाब पुलिस ने दे पा रही है। गांव वाले इसे आत्महत्या नहीं मान रहे हैं। इतना ही नहीं मंगलवार की सुबह सूचना देने के बाद छोटू व शोभा के परिजन मौके पर नहीं पहुंचे थे, आखिर वह क्यों नहीं गए। इन सब सवालों का जवाब पुलिस देने से कतरा रही है।

प्रेमी-प्रेमिका ने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या हुई है, इस रहस्य से किशनपुर अम्बारी गांव का जगरूप ही पर्दा उठाएगा। सोमवार की रात में शोभा के पिता व प्रेमी छोटू के साथ हुए विवाद का जगरूप गवाह है। घटना के वक्त वह मौजूद था। देर शाम इसका पता चलने पर पुलिस जगरूप की तलाश में जुट गई है। वह जगरूप का बयान इस मामले में दर्ज करने की कोशिश में है।

   प्रेमी छोटू व प्रेमिका शोभा की अमरूद की बाग में फांसी पर लटकती लाश मिलने के बाद पुलिस ने घटना की जांच तेज कर दी है। फिलहाल वह इसे आत्महत्या ही मान रही है, लेकिन वह कई बिंदुओं को भी खंगाल रही है। देर शाम पुलिस को पता चला कि किशनपुर अम्बारी गांव के जगरूप नाम के शख्स के घर में शोभा व छोटू रुके थे। मुंबई से आने के बाद छोटू सीधा जगरूप के ही घर पहुंचा था, यहां शोभा पहले से मौजूद थी।

सोमवार की रात इसकी जानकारी शोभा के पिता को हुई तो वह अपनी पत्नी राजरानी के साथ वहां पहुंचा था। गांव में चर्चा है कि जगरूप की मौजूदगी में ही छोटू और शोभा के पिता के बीच विवाद हुआ था। बीचबचाव का प्रयास भी जगरूप ने किया था। इसके बाद रहस्यमय परिस्थितियों में दोनों की लाश बाग में मिली थी। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उसने जगरूप की तलाश शुरू कर दी। पुलिस को जगरूप घर से गायब मिला। हकीकत क्या है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जगरूप को खोज हो रही है।
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