रचना सिंह आत्महत्या मामले में पुलिस लापरवाही की जांच कर रहे सीओ चायल महेंद्र सिंह ने अभी तक इंस्पेक्टर व दरोगा बयान नहीं लिया है। न ही पीड़ित पक्षों का बयान लिया है। इससे यह जांच अधर में लटकती नजर आ रही है। उधर पिपरी थाने की पुलिस रचना सिंह के दो अन्य आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है। घटना के बाद से यह आरोपी फरार चल रहे हैं। मुख्य आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया है।
पिछले गुुरुवार को पिपरी के गांजा गांव की रचना सिंह के साथ रामभजन सिंह डिग्री कालेज सेवढ़ा के बाहर शेरपुर गांव के अशीष सिंह यादव, जितेंद्र सिंह यादव दो अन्य लोगों ने छेड़खानी की थी। इस मामले की तहरीर पुलिस को दी गई थी। रचना सिंह के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला नहीं दर्ज किया, बल्कि दूसरे दिन शुक्रवार को आरोपी जितेंद्र सिंह यादव की तहरीर पर मकदूमपुर चौकी इंचार्ज राकेश शर्मा ने रचना सिंह के चाचा शिवपूजन सिंह व चचेरे भाई आलोक सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। शनिवार को इसकी जानकारी होने के बाद रचना सिंह ने फांसी लगा ली थी।
रचना सिंह की मौत के बाद एसपी वीके मिश्र ने इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र और दरोगा राकेश शर्मा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद रचना सिंह के परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव को जेल भेज दिया, लेकिन दो अन्य आरोपियों का अभी तक सुराग नहीं लगा सकी। हालांकि इनकी तलाश में कई जगह दबिश दी गई, इसके बाद भी कामयाबी नहीं मिली। इस घटना में पुलिस लापरवाही की जांच सीओ चायल महेंद्र सिंह देव को जांच मिली है। जांच में अभी तक निलंबित इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र व दरोगा राकेश शर्मा का अभी तक बयान नहीं लिया है। पीड़ित पक्ष का भी बयान नहीं हो सका है।