गंगा में डूबने हुई आजाद की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन
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गंगा नदी के संदीपन घाट पर नहाते वक्त बुधवार सुबह दो दोस्त गहरे पानी में समा गए। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत कर एक को जिंदा बाहर निकाल लिया। जबकि दूसरे की करीब दो घंटे बाद लाश मिली। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है।
करारी कोतवाली क्षेत्र के पचंभा गांव का आजाद अली (22) पुत्र मुन्ना किसानी में पिता का हाथ बटाता था। बुधवार सुबह पड़ोसी वीरेन्द्र व मनजीत के साथ वह नहाने के लिए संदीपन घाट गया था। स्नान करने के दौरान अचानक आजाद व वीरेन्द्र पानी में समाने लगे। चीख-पुकार पर पहुंचे गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत कर किसी तरह वीरेन्द्र को बाहर निकाल लिया। जबकि लगभग दो घंटे बाद आजाद की लाश निकाली जा सकी। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जाता है कि गंगा दशहरे के मौके पर वीरेन्द्र और मनजीत नहाने जा रहे थे। यही दोनों अपने दोस्त आजाद को भी साथ लेकर चले गए थे। हादसे के बाद लोगों का कहना है कि आजाद को मौत की खींचकर संदीपन घाट ले गई थी।