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सराय अकिल में हो रहा नेफ्था तेल का काला कारोबार

Fri, 24 Jun 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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crime
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स्थानीय कस्बे में तेल का अवैध कारोबार जोरों पर है। कस्बे में झलवा स्थित इंडियन आयल से जुड़े कारोबारी चोरी से तेल लाते हैं। इस तेल में नेफ्था की मिलावट कर कस्बे के लोगों को कम कीमत पर होम डिलेवरी की जा रही है। तेल का यह अवैध कारोबार कस्बाइयों की जान पर कभी भी आफत बन सकता है। स्थानीय पुलिस है कि सब कुछ जानते हुए इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
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कस्बा सराय अकिल इन दिनों डीजल और पेट्रोल के अवैध कारोबार का केंद्र बन गया है। कस्बे के कारोबारी इलाहाबाद के झलवा स्थित इंडियन आयल से साठगांठ कर मारुती कार में लादकर अवैध तरीके से तेल लाते हैं। इसके बाद नेफ्था की मिलावट कर उसे असली डीजल और पेट्रोल के नाम पर बेचा जाता है। सूत्रों की माने तो कारोबारियों ने कस्बे के करना चौराहा और मेला मैदान के पास बड़े पैमाने पर तेल का स्टॉक डंप कर रखा है।

इसे बेचने के लिए कारोबारियों ने स्कूल वाहनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कल कारखानों और मोबाइल के टॉवर संचालकों से संपर्क साध रखा है। कारोबारी नेफ्था तेल को पांच रुपये कम में डोर-टू-डोर उपलब्ध कराने का काम करते हैं। पांच रुपये की बचत के चक्कर में वाहनों के चालक भी अपने मालिकों का चपत लगाने से नहीं चूकते। इस तेल से वाहनों के चालकों और कारोबारियों को तो बचत होती है पर वाहन स्वामियों का कबाड़ा निकल रहा है। ऐसा नहीं है कि इलाकाई पुलिस को इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं है। लेकिन सांठगांठ के चलते वह भी मामले में पूरी तरह से मौन धारण किए हुए हैं।
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 कस्बे में बिक रहे मिलावटी पेट्रोल पांच रुपये सस्ता होने की वजह से लोग टंकी तक जाने की फजीहत नहीं उठाते। कस्बे में आसानी से तेल उपलब्ध होने की वजह से लोग अपने वाहनों में इसका धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन इसका खामियाजा उन्हें प्रयोग के कुछ दिन बाद भुगतना पड़ता है। देखते ही देखते उनके वाहन नेफ्था तेल के चलते कबाड़ हो जाते हैं। जो लोग इसके भुक्तभोगी हो चुके वह सस्ते तेल से परहेज करने लगे हैं पर कुछ लोग आज भी जानकारी के अभाव में नेफ्था तेल को असली मान वाहनों में प्रयोग कर रहे हैं।

 कस्बे के मेला मैदान और करन चौराहा तेल कारोबारियों ने स्टाक बना रखा है। यहां पर हजारों लीटर डीजल और पेट्रोल हमेशा डंप रहता है। कारोबारियों ने तेल का स्टाक तो बना रखा है पर इससे जुड़े अग्निशमन के उपायों का नामोनिशान नहीं है। ऐसे में यदि स्टाक में खुदा न खास्ता आग लग गई तो कस्बे की इमारतें हवा में उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। इतना ही नहीं घरों में कैद लोगों की जनहानि को भी बचाना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन कस्बे की पुलिस है कि सब कुछ जानते हुए भी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। शायद उसे भी किसी बड़ी घटना का इंतजार है।

कस्बे से महज पांच सौ मीटर पर पेट्रोल टंकी है। ऐसे में खुला तेल कौन खरीदेगा। बहरहाल नेफ्था तेल के कारोबार की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी कर धंधा बंद करा दिया जाएगा।
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उमेश सिंह, कस्बा इंचार्ज, सराय अकिल थाना
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