चायल (कौशाम्बी)। पूर्व ब्लाक प्रमुख रामसरन की हत्या में नामजद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शव आते ही गांववाले पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमा हो गए।
पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद, और कुनबे को सुरक्षा की मांग पूरी होने तक लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। ग्रामीणों के गुस्से की खबर लगते ही मौके पर एएसपी, एसडीएम के साथ ही सपा विधायक गांव पहुंचे। पांच लाख रुपये की मदद, शस्त्र लाइसेंस और बेटे को सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन मिलने पर ही लोग शांत हुए। उसके बाद भारी फोर्स की मौजूदगी में पूर्व प्रमुख के शव का फतेहपुर गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
चायल ब्लाक के पूर्व प्रमुख रहे रामसरन की रविवार की दोपहर पुरामुफ्ती बाजार में सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस ने गांव पहुंचाया। सोमवार को मृतक के परिजन और गांव वाले मुआवजा, शस्त्र लाइसेंस, बेटे को नौकरी और सुरक्षा दिलाए जाने के साथ डीएम को गांव बुलाने की मांग लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। गांव के समीप ही शव रखकर लोग धरने पर बैठ गए।
इसकी सूचना लगते ही एएसपी अनिल कुमार सिंह, एसडीएम चायल रजनीश मिश्र ने आकर लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी बीच वहां सिराथू विधायक वाचस्पति भी आए। उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता करके मृतक के बेटे और भतीजे के नाम शस्त्र लाइसेंस देने, सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा और बेटे को सुरक्षा गार्ड दिलाए जाने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही परिजन और ग्रामीण शांत हुए।
इसके बाद परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शव लेकर फतेहपुर गंगा घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। पूर्व प्रमुख की हत्या से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।