चायल। पिपरी कोतवाली के दुर्गापुर गांव में गुरुवार की सुबह हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए युवक ने अपने चाचा की गर्दन पर चापड़ से प्रहार कर सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना के बाद आरोपी खून से सना चापड़ लिए बस्ती के अंदर से चाचा को गालियां देते हुए भाग निकला। घटना की जानकारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक सहित पहुंची फोर्स ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आरोपी भतीजे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
दुर्गापुर गांव निवासी लक्ष्मीनरायण द्विवेदी (50) पुत्र स्व. दशरथलाल द्विवेदी खेतीबाड़ी करते थे। लक्ष्मी नारायण के बड़े भाई भगवान प्रसाद का बेटा मनीष उर्फ चंदन आपराधिक किस्म का है। इसी वजह से भगवान प्रसाद अपनी बेटी को लेकर प्रयागराज के झलवा में किराए का घर लेकर रहते हैं। मनीष से उन्होंने रिश्ता समाप्त कर लिया था। भगवान प्रसाद ने बुधवार को अपनी दो बिस्वा जमीन लक्ष्मी नारायण के नाम चायल तहसील आकर रजिस्ट्री कर दी। यह बात कहीं से मनीष को पता चल गई। मनीष चार दिन पहले ही गांव आया था और चापड़ लेकर घूमा करता था। मनीष सुबह लक्ष्मी नरायण के घर चापड़ लेकर जा रहा था लेकिन रास्ते में लक्ष्मी का बेटा अंकित मिल गया। इस पर मनीष ने उसे गाली देते हुए हमला करने का प्रयास किया लेकिन गांव के लोगों के हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया गया।
मनीष इसके बाद लक्ष्मी नरायण के घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने के लिए दरवाजे में चापड़ से कई वार किए। बाद में वह चाचा की खोजबीन करते हुए एक बाग के पास पहुंचा। वहां गेहूं के खेत की रखवाली करते हुए उसे लक्ष्मी नरायण मिल गए। मनीष ने चाचा के गर्दन में पीछे की तरफ से कई वार किए। इससे लक्ष्मीनरायण की गर्दन धड़ से अलग हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद मनीष खून से सना चापड़ लेकर गांव पहुंचा और गाली देते हुए चाचा की हत्या करने की बात बताई। गांव के लोग खेत की तरफ दौड़े तो मनीष भाग निकला। सूचना पर पहुंचे एएसपी अशोक कुमार ने मौका मुआयना किया। लक्ष्मीनरायण के बेटे अंकित की तहरीर पर पुलिस ने मनीष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।