हिन्दी फीचर फिल्म नायक के मुख्य किरदार अनिल कपूर सरीखे बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक चरवा पहुंचे चायल विधायक ने भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला पकड़ा। बैंक के रीजनल मैनेजर ने जांच में गड़बड़ी मिलने पर शाखा प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। मैनेजर से खिलाफ जांच के निर्देश दिए गए हैं।
चायल विधायक संजय गुप्ता को काफी दिनों से खबर मिल रही थी कि चरवा बैंक के शाखा प्रबंधक ज्ञान सिंह बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करते हैं। एक बिचौलिए के जरिए भोलेभाले लोगों के नाम पर लोन करके पैसा हजम किया जा रहा है। इस मामले में चरवा की सावित्री देवी ने विधायक से शिकायत किया था। सोमवार की शाम साढ़े चार बजे विधायक, रीजनल मैनेजर छोटेलाल के साथ बैंक पहुंचे। सावित्री की पत्रावली निकलवाई गई तो उसके नाम पर 50 हजार का मुद्रा लोन निकला था। यह लोन सिलाई के लिए निकाला गया था। जबकि 78 साल की महिला को मुद्रा लोन दिया ही नहीं जा सका।
इसके अलावा ठेला लगाने वाले सावित्री के बेटे भरत शर्मा के नाम पर किराना की दुकान के लिए 50 हजार का लोन था। सावित्री की दो बहू निर्मला और करुणा के नाम पर भी ब्यूटी पार्लर के लिए 50-50 हजार का मुद्रा लोन निकाला गया था। जबकि सभी लोगों का कहना था कि उन्होंने कभी लोन ही नहीं लिया। सावित्री ने बताया कि पिछले दिनों बैंक मैनेजर ने कहा कि उसके खाते में दो लाख रुपये आए हैं। इस बात पर उसने अंगूठा लगवा लिया। विधायक ने मामले की शिकायत वित्त मंत्रालय से भी करने की बात कही है। वहीं दो साल से बैंक में तैनात शाखा प्रबंधक ज्ञान सिंह के कार्यकाल के दौरान हुए सारे लोन की जांच कराने को कहा।
रीजिनल मैनेजर छोटेलाल का कहना है कि 78 साल की महिला को मुद्रा लोन दिया नहीं जा सकता। इस कारण शाखा प्रबंधक को हटा दिया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विधायक और रीजनल मैनेजर ने सावित्री देवी के घर का सत्यापन किया। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी।