मंझनपुर। जहरीली शराब पीने से बिदनपुर गांव के 4 मजदूरों की मौत मामले में पुलिस ने चकेरी जीआरपी कालोनी के रहने वाले अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस और आबकारी टीम ने शुक्रवार को चकेरी जाकर मजदूरों के कमरों को खंगाला। वहां मिली शराब की 6 शीशी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के बिदनपुर आमदपुर करारी गांव के रहने वाले मजदूर महेंद्र कुमार, अमरनाथ, श्रीपति और विशेषर चकेरी कानपुर में रेलवे प्रोजेक्ट में मजदूरी करते थे। वहीं इन मजदूरों ने जहरीली शराब पी थी। जिससे एक-एक करके इन चारों मजदूरों की मौत हो गई। मौत के 24 घंटे तक तो कौशाम्बी और कानपुर की पुलिस कार्रवाई के लिए एक-दूसरे का मुंह ताकती रही। पर, शुक्रवार को कोखराज पुलिस ने मृतक विशेषर के बेटे शैलेंद्र की तहरीर पर जीआरपी कालोनी चकेरी कानपुर के अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
एसओ कोखराज जेपी यादव ने बताया कि अज्ञात युवकों के खिलाफ पेयपदार्थ में मिलावट की धारा 272 और धारा 304 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीम ने चकेरी जाकर मजदूरों के कमरों की गहराई से छानबीन भी की। एसओ ने बताया कि जांच के दौरान मजदूरों के कमरे में 6 छोटी शीशी मिली है। देशी शराब की इन शीशियों से शराब की गंध आ रही थी। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। वहीं मृतक मजदूरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। डाक्टरों ने बिसरा प्रिसर्ज कर दिया है।
जहरीली शराब पीने से हुई बिदनपुर गांव के 4 मजदूरों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा न फूटे। इसके लिए बुधवार को सुबह से ही पूरे गांव को अफसरों ने छावनी में तब्दील कर दिया था। यही नहीं पुलिस ने आनन-फानन में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव छह बजे गांव ले जाकर पुलिस ने रात में ही अंतिम संस्कार भी करा दिया। रात में अंतिम संस्कार कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा भी है। बिदनपुर गांव के रहने वाले बड़ेलाल, शिवकुमार, रणविजय, पट्ठेलाल, शिवलाल, रामबाबू आदि ने बताया कि पुलिस की यह जबरदस्ती गलत थी। पर, मौतों से गमगीन ग्रामीण पुलिस की इस मनमानी का चाहकर भी विरोध नहीं कर सके।