बारा (कौशाम्बी)। घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से बुधवार की रात बड़ा गढ़वा गांव की विवाहिता कुसुमिया देवी (24) की मौत हो गई। आधी रात वह घर के भीतर ही आग का गोला बन गई थी। तब सास-ससुर खलिहान में फसलों की मड़ाई करने गए थे। विवाहिता के पति ने दहेज के प्रताड़ित करके विवाहिता की जान लेने का आरोप पति पर लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि विवाहिता का पति इस समय दिल्ली में है।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के बड़ा गढ़वा गांव निवासी द्वारिका प्रसाद निषाद की शादी करीब तीन साल पहले कुसुमिया देवी (24) निवासी भभेट (राजापुर) चित्रकूट के साथ हुई थी। द्वारिका प्रसाद दिल्ली में किसी प्राइवेट फर्म में काम करता है। बुधवार की रात करीब दो बजे उसकी पत्नी कुसुमिया देवी की घर के भीतर जलने से मौत हो गई। विवाहिता के ससुर रामयश ने बताया कि रात वह पत्नी सुंदरिया देवी के साथ खलिहान में फसल की मड़ाई करने गया था। रात करीब दो बजे लौटने पर घर से धुएं का गुबार उठता दिखा।
अनहोनी की आशंका पर वह चीखते-चिल्लाते दरवाजा खुलवाने की कोशिश करने लगा। पर, दरवाजा भीतर से बंद था। चीख-पुकार पर जुटे गांव के लोग दीवार फांदकर घर में कूदे, तो विवाहिता लपटों से घिरी हुई थी। ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश करते, झुलसने से विवाहिता की सांसें थम चुकी थी। सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने छानबीन के बाद मायकेवालों को सूचित किया। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर, बेटी की जलने से हुई मौत की खबर पर आए पिता तुलसीराम ने पति पर शादी के बाद से ही दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। साथ ही इल्जाम जड़ा कि इसी प्रताड़ना के कारण उसकी बेटी की जान चली गई। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। तफ्तीश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, विवाहिता की मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।