महेवाघाट के दलेलागंज में बुधवार को प्रेमी-प्रेमिका घरवालों की रजामंदी पर शादी हुई। बारात चित्रकूट से आई थी। स्वागत-सत्कार न होने से बाराती नाराज थे। इसी बात को लेकर गुरुवार सुबह यमुना नदी किनारे घराती व बाराती भिड़ गए। दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। लाठी, डंडे से एक दूसरे पर प्रहार किए गए। घटना में पांच लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए भेजकर आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया। दोपहर बाद दुल्हन की विदाई कराई गई।
चित्रकूट के महुआडीह (राजापुर) निवासी पूरन पुत्र उमाशंकर महेवाघाट के दलेलागंज की सुवाकली पुत्री धर्मपाल निषाद से प्यार करता था। परिजन राजी नहीं थी। मगर प्रेमी जोड़े ने शादी न होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी। बिरादरी की पंचायत के बाद दोनों पक्षों ने पूरन और सुवाकली की शादी कराने का निर्णय लिया। सात जून को पूरन की धूमधाम से दलेलागंज बारात आई।
बारातियों का कहना था कि उनका स्वागत नहीं हुआ। वे इस बात को लेकर तमाम तरह की चर्चा कर रहे थे। इससे घराती नाराज थे। गुरुवार सुबह घराती व बाराती यमुना नदी में स्नान करने गए। स्वागत न होने की बात को लेकर बाराती दिनेश, नीरज और उमाशंकर दुल्हन के चचेरे भाई गुलाब व नरेश से विवाद करने लगे। गुलाब व नरेश ने इसका विरोध किया तो मारपीट हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्षों ने डोंगी में रखी लाठी और डंडे निकालकर एक दूसरे को पीटना शुरू कर दिया। घटना में दिनेश व नीरज का सिर फट गया। जानकारी होने पर गांव से लोग भागकर आए और किसी तरह मामला शांत कराया। सूचना पर महेवाघाट इंस्पेक्टर मो. हासिम मौके पर पहुंचे। घायलों को इलाज के लिए भेजकर आधा दर्जन लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। दोपहर बाद दुल्हन की विदाई हुई।