मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली के बैगवां फतेहपुर गांव की सातवीं क्लास की छात्रा की महीनेभर पहले हुई हत्या का खुलासा नहीं कर पाना थानाध्यक्ष को महंगा पड़ा। पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया। एसपी रतनकांत पांडेय ने बताया कि मुकदमे की प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति समय से देने में बरती गई लापरवाही पर एसओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बता दें कि 20 फरवरी 2014 को कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के बैगवां फतेहपुर गांव की रहने वाली कक्षा सात की छात्रा की हत्या कर दी गई थी। 14 वर्षीय यह छात्रा शाम को खेत की ओर गई थी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन खोजबीन में जुटे। देर रात उसकी लाश गांव से करीब 500 मीटर दूर अरहर के खेत में मिली थी। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कातिलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
पर, घटना के महीने भर बाद भी पुलिस हत्या की वजह और कातिलों का कोई सुराग नहीं लगा सकी। मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने तेज तर्रार दरोगाओं की तीन टीमें गठित की थी। साथ ही कातिल का सुराग देने वाले को पांच हजार रुपये का ईनाम देने की भी घोषणा की थी। इसके बाद भी पुलिस कातिलों को ढूंढ नहीं सकी। इसे कौशाम्बी एसओ शिव आसरे की घोर लापरवाही मानते हुए पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को उन्हें निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसओ द्वारा मुकदमे की प्रथम प्रगति सूचना रिपोर्ट की प्रति समय से देने में भी लापरवाही बरती गई थी।
वारदातों के खुलासे में लापरवाही बरतने पर एसपी ने एसओजी टीम को भी पैदल कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बृहस्पतिवार को एसओजी प्रभारी समेत सभी हमराहियों को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई की पुलिस महकमे में खासी चर्चा रही। बता दें कि पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को एसओजी टीम के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान टीम द्वारा वारदातों के खुलासे में घोर लापरवाही मिली। इस पर एसपी ने प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही देर शाम एसओजी टीम प्रभारी शिवमूरत यादव के साथ टीम में तैनात रहे सिपाही सिद्धार्थ राय, सोनू सिंह, धीरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि टीम द्वारा संगीन वारदातों का खुलासा नहीं कर पा रही थी।