जिला मुख्यालय से घर लौटते समय बुधवार की रात छिमिरछा गांव के कोटेदार पर बाइक सवार युवकों ने हमला कर दिया। तमंचे के बट से हुए तबाड़तोड़ प्रहार से वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। चीख-पुकार पर गांववालों के दौड़ने पर हमलावर धमकी देते हुए भाग निकले। भुक्तभोगी ने घटना की नामजद शिकायत करारी थाने के साथ एसपी से भी की है। आरोप है कि यह जानलेवा हमला चुनावी रंजिश में हुआ है।
करारी थाना क्षेत्र के छिमिरछा गांव निवासी भानू प्रताप कोटेदार है। बुधवार को वह काम के सिलसिले से मंझनपुर स्थित पूर्ति अधिकारी कार्यालय आया था। देर शाम वह घर लौट रहा था। इस दौरान जैसे ही वह हिसामपुर गांव के समीप पहुंचा। पीछे से बाइक से आए दो युवकों ने ओवरटेक करके उसे रोक लिया। रूकते ही दोनों युवक उससे भिड़ गए। उसकी जमकर पिटाई की। इस दौरान एक युवक ने तमंचे की बट से भी उसके ऊपर प्रहार कर दिया। इससे वह जख्मी हो गया। जान बचाने के लिए वह चीखने-चिल्लाने लगा।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े। गांववालों को आता देख हमलावर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। उधर, हमलावरों के भाग निकलने के बाद कोटेदार किसी तरह करारी थाने पहुंचा और घटना की जानकारी पुलिस को दी। आरोप है कि तहरीर लेने के बाद पुलिस ने छानबीन करने का बहाना बनाते हुए उसे थाने से भगा दिया। सुबह भी वह एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने गया था। आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इलाकाई पुलिस की मनमानी से क्षुब्ध कोटेदार ने मंझनपुर आकर मामले की शिकायत एसपी से की। पुलिस अधीक्षक ने एसओ करारी को प्रकरण की जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है। वहीं कोटेदार की मानें तो प्रधान के चुनाव के दौरान से ही गांव का एक व्यक्ति पक्ष में वोट नहीं देने के शक में उससे मनमुटाव रखता है। आशंका है कि उसी व्यक्ति ने उसके ऊपर यह जानलेवा हमला करवाया है।